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अधिवक्ता संघों की मांग का परीक्षण करने,5 वरिष्ठ न्यायाधीशों की समिति गठित


जबलपुर :प्रदेश में कोविड-19 के विकराल रुप से बढ़ते हुए मामलों को दृष्टिगत रखते हुए न्यायालयों में नियमित रुप से मामलों की सुनवाई संभव नहीं हो पा रही है। प्रदेश के उच्च न्यायालय तथा जिला न्यायालयों के कई अधिवक्ता संघों के द्वारा न्यायालयों में नियमित रुप से सुनवाई प्रारंभ किये जाने की मांग इस आधार पर की गई है कि नियमित सुनवाई आरंभ नहीं किये जाने से कई अधिवक्तागणों को रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। लेकिन इस आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि नियमित सुनवाई की दशा में असावधानी बरते जाने पर कोविड-19 के मामलों में भारी बढ़ोत्तरी होगी और यह भी संभव है कि न्यायालयों में नियमित सुनवाई कार्य बंद करना पड़े।उच्च न्यायालय तथा जिला न्यायालयों के अधिवक्ता संघों की इन मांगों के संबंध में समुचित रूप से विचार कर निर्णय लिये जाने के उद्देश्य से मुख्य न्यायाधिपति अजय कुमार मित्तल के द्वारा उच्च न्यायालय के 5 वरिष्ठतम न्यायाधीशों की समिति गठित की गई है। जिसके अध्यक्ष प्रशासनिक न्यायाधिपति संजय यादव हैं। समिति में सदस्यगण के रुप में न्यायाधिपति एससी शर्मा, न्यायाधिपति प्रकाश श्रीवास्तव, न्यायाधिपति शील नागू एवं न्यायाधिपति सुजॉय पॉल हैं।यह समिति अधिवक्ता संघों की मांग पर समग्र रुप से विचार कर अपना प्रतिवेदन मुख्य न्यायाधिपति के समक्ष प्रस्तुत करेगी। तदोपरांत न्यायालय में नियमित सुनवाई आरंभ किये जाने के संबंध में युक्तियुक्त निर्णय लिया जा सकेगा।

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