अपराधजरा हटकेमध्य प्रदेश

अपने ही डिपार्टमेंट के थाना प्रभारी को बचाने के लिये पुलिस अधीक्षक ने बनायी कहानी

सतना( ननकू यादव ):सिंहपुर के थाना प्रभारी विक्रम पाठक ने पूंछतांछ के दौरान नशे में धुत होकर अपने ही लॉकप में चोरी के संदेही को अपने ही सर्विस रिवाल्वर से गोली से उड़ा दिया ।और आनन फानन में प्रभारी थाना प्रभारी और सिपाही आशीष सिंह,नीरज त्रिपाठी, चोरी के संदेही को घायल अवस्था में बिड़ला अस्पताल ले गए लेकिन उसकी मौत थाने में ही हो गई थी। फिर भी उसको बिड़ला अस्पताल लाया गया । पर उसकी मौत हो जाने से अस्पताल प्रबंधन ने लेने से मना कर दिया । इसके बाद रीवा रेफर कर दिया गया ।

पुलिस अधीक्षक ने दोषी सिंहपुर थाना प्रभारी को बचाने के लिये रच दी कहानी ।


वहीं इस मामले में पुलिस अधीक्षक रियाज इकवाल ने अपने ही मातहत स्टाफ को बचाने के लिए रच दी मनगढ़त कहानी । उन्होंने बताया कि संदेही ने सरकारी पिस्टल से गोली मारी है। जबकि संदेही के हाथ मे सरकारी पिस्टल कैसे पहुँची।घटना के दूसरे दिन पुलिस पर ग्रामीणों का गुस्सा उमड़ा । और उसके जबाब में पुलिस ने भीड़ को तितर वितर करने के लिए लाठीचार्ज किया।पुलिस अधीक्षक ने सीनियर थाना प्रभारियों के होते हुए भी थानों में प्रभारियों को दे रखे थे थानों का प्रभार मुख्य थाना प्रभारियों को रखे थे लूपपलाइन में।
आपको बता दें कि सिंहपुर थाना प्रभारी विक्रम पाठक ,आशीष सिंह और नीरज त्रिपाठी नारायण पुर गांव के संदेही राजपति कुशवाहा को पूंछतांछ के लिए लेने उसके गावँ गए थे । उसको लेकर वो थाना पहुंचे ।
कौन है चोरी का शिकायत करता लल्लू गर्ग मिली जानकारी के मुताबिक लल्लू गर्ग सिंहपुर के नारायणपुर का ही रहने वाला है । व अवैध कारोबार में लिप्त है थानों में इसकी शिकायत एक सम्पन व्यक्ति होने के कारण नहीं लिखी जाती रही । सूत्रों के मुताबिक प्रभारी थाना प्रभारी की दूरदराज की रिस्तेदारी भी है। वहीं पूंछतांछ के दौरान इस तरह की कोई लिखित शिकायत चोरी की नहीं थी । दबाव बनाने के लिये उसे उठा लाया गया था। वहीं 27 सितम्बर तक इस तरह का कोई मामला नहीं दर्ज किया गया था।
बहरहाल थाना प्रभारी सिंहपुर विक्रम पाठक समेत तीनों ने पूंछतांछ के पहले शराब पी और खाना खाया इसके बाद लगभग 9 बजे नशे में धुत थाना प्रभारी विक्रम पाठक सिंहपुर थाने पहुंचे । और संदेही राजपति कुशवाहा को लॉकप के अंदर पूंछतांछ शुरू की और नशे में आपा खो बैठे और माथे के बीचों बीच संदेही को गोली मार दी।


सुलगते सवालों में पुलिस की जाँच।


वहीँ इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने अपने प्रभारी थाना प्रभारी को बचाने की मनगढंत कहानी फिट कर ली गई । ये कोई पहला मामला नहीं जिसमें पुलिस अपने ही मातहत को बचाने का प्रयास नहीं करती और मनगढंत कहानी रच डालती है।
पुलिस ने अपने मातहत स्टाफ को बचाने के लिए मामूली धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया ताकि कोई बबाल न हो उसने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ 304 ,348,34 तहत प्रकरण दर्ज किया है।
आखिर इतना लगाव क्यों है पुलिस अधीक्षक रियाज इक़बाल का ।
पुलिस सूत्रों की माने तो पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल का सिंहपुर थाना प्रभारी विक्रम पाठक और गोपाल चौबे कोठी थाना प्रभारी इनके सबसे चहेतो में से एक थे।

क्यों नहीं किया 302 का मामला दर्ज ।


वहीं यदि आम व्यक्ति कोई अपराध करता है तो पुलिस उसको तुरंत गिरफ्तार करती है उसके ऊपर मामला दर्ज कर करवाई करती है लेकिन अपने मातहत स्टाफ को बचाने में क्यों लगी है पुलिस।सतना विधायक के यहाँ रुके हुए हैं परिजन बॉडी लेने से किया इंकार पहले दर्ज हो 302 का मुकदमा इसके बाद लेंगे हम बॉडी वहीं सतना विधायक और मृतक रामपति कुशवाहा के परिजनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि एक करोड़ रुपये और परिवार के सदस्यों को नौकरी दी जाय । और दोषी पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार किया जाय

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