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आतंकवादियों को पनाह देता है पाकिस्तान

आतंकवाद की जड़ें कहीँ न कहीँ पाकिस्तान में गहरी है,इस मामले में स्विट्जरलैंड के जिनेवा में जारी संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के 45वें सत्र के दौरान एम्सटर्डम स्थित एक थिंक-टैंक यूरोपियन फाउंडेशन फॉर साउथ एशियन स्टडीज (EFSAS) ने अपने क्षेत्र में आतंकवादियों को शरण देने के मामले में पाकिस्तान को बेनकाब कर दिया है. इसके साथ ही उसने यह सवाल भी किया कि पाकिस्तान इस अगस्त से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का सदस्य क्यों है.EFSAS की रिसर्च एनालिस्ट वेरोनिका एकेलुंड ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-बार स्वीकार किया है कि उनका देश आतंकवादियों को पनाह देता है.समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, रिसर्च एनालिस्ट वेरोनिका एकेलुंड ने यूएन को बताया कि मानवाधिकारों के लिए सम्मान सार्वभौमिक और सर्वोपरि है और यह पाकिस्तान समेत दुनिया के सभी देशों पर लागू होता है. और आतंकवाद स्वाभाविक रूप से मानव अधिकारों के संवर्धन और संरक्षण को कम करता है.

PM इमरान खान ने भी माना- आतंकियों का मेजबान पाक

उन्होंने कहा कि फरवरी 2019 में सीएनएन से बात करते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने स्वीकार किया कि संयुक्त राष्ट्र नामित आतंकवादी और जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पाकिस्तान में रहता है. मार्च 2019 में कुरैशी ने बीबीसी के साथ स्वीकार किया कि उनकी सरकार और जैश-ए-मोहम्मद ने आधिकारिक संपर्क बना रखा है.यूएन में पाकिस्तान की हरकतों को उजागर करते हुए वेरोनिका ने कहा कि जुलाई 2019 में, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने वाशिंगटन में यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस को बताया कि उनका देश 40,000 आतंकवादियों की मेजबानी करता है. यही नहीं जून 2020 में, प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने देश की संसद में अल-कायदा नेता ओसामा बिन लादेन को ‘शहीद’ के रूप में संदर्भित किया था.

सुरक्षा परिषद में पाक क्यों

वेरोनिका ने कहा कि पिछले महीने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय कुरैशी ने अपने क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र नामित आतंकवादी दाऊद इब्राहिम की उपस्थिति को स्वीकार किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने भी समय-समय पर कबूल किया है और फिर से कबूल किया कि देश आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह बना हुआ है.वेरोनिका ने यूएन में कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आतंकवादियों और संस्थाओं की समेकित सूची में पाकिस्तान से 146 प्रविष्टियां शामिल हैं. पूरे सम्मान के साथ, मैं यह पूछने के लिए मजबूर हूं कि इन सब के बावजूद पाकिस्तान इस अगस्त से परिषद का सदस्य क्यों है?

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