जरा हटकेमध्य प्रदेश

इन मजदूरों को महीनों से नहीं मिली मजदूरी कैसे मनाएंगे त्यौहार

प्लांटेशन की सुरक्षा करने वाले मजदूरों की सुनने वाला कोई नहीँ


जबलपुर :कोरोना काल में सरकार द्वारा मजदूरों की आर्थिक मदद करने की बात तो जरूर कही जाती रही है लेकिन क्या वास्तव में सभी मजदूरों को उनकी मजदूरी का समय पर हक मिला है या नहीँ ये तो सिहोरा वन विभाग में काम करने वाले इन मजदूरों की स्तिथी देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है,जो की महीनों से बिना वेतन के इस पर काम कर रहे है की आज नहीं तो कल इन्हें इनकी मजदूरी जरूर मिलेगी, वैसे तो शासन प्रशासन द्वारा पर्यावरण संतुलन के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण का दावा तो किया जा रहा है किंतु वृक्षारोपण एवं उसकी सुरक्षा में लगे मजदूर विगत कई माह से वेतन की बाट जो रहे हैं ज्ञात हो सिहोरा अनुभाग की अलग-अलग बीट की वन भूमि में वृक्षारोपण किया गया था जिनकी सुरक्षा एवं संरक्षण हेतु अस्थाई मजदूरों को तैनात किया गया किंतु अलग-अलग बीट के लगभग 100 से ज्यादा मजदूरों को 7 मई से लेकर 18 मई तक की मजदूरी अभी तक प्राप्त नहीं हो सकी है।


कैंपा मद से हुआ था वृक्षारोपण,


वन मंडल सिहोरा अंतर्गत धनगवा खलरी मोहला नांदघाट सरदा सहित अन्य बीट में कैंपा मद से वन विभाग द्वारा प्लांटेशन कराया गया था। धनगवा वीट के खलरी मोहला मैं मजदूरी कर रहे मजदूरों को विगत 7 माह से मजदूरी न मिलने के कारण मजदूरों को अपने परिवार के उधर पोषण में आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है इसी प्रकार सरदा एवं नांदघाट में वृक्षारोपण का कार्य जारी है ज्ञात वृक्षारोपण का कार्य समय सीमा में पूर्ण कराये जाने के आदेश वरिष्ठ कार्यालय से तो दे दिए जाते हैं किंतु मजदूरी के भुगतान हेतु आवंटन का अभाव बताकर अधिकारी अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेते हैं।
चौकीदारों को नहीं मिला डेढ़ वर्ष से वेतन
शरदा के जंगल में चौकीदारी कर रही गंगाबाई ने बताया कि उसे 9 माह से वेतन प्राप्त नहीं हुआ है इसी प्रकार खजरी के चौकीदार को 18 माह से वेतन प्राप्त नहीं हुआ इस संदर्भ में अधिकारियों का कहना है कि प्लांटेशन की सुरक्षा 5 से 7 वर्ष हेतु वन समितियों के माध्यम से कराई जाती है समय सीमा पूर्ण होने पर शासन से पैसा आना बंद हो जाता है गंगाबाई का भुगतान एक-दो दिन में किए जाने का आश्वासन अधिकारियों द्वारा दिया गया है।


रेंज ऑफिस में डाला डेरा,


कोरोना काल में लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे वेतन से वंचित मजदूर राहुल पटेल कमलेश कुम्हार जानकीबाई गोविंद सिंह मौजी लाल प्रेमलाल कॉल आदि ने बताया कि सामने रक्षाबंधन का त्यौहार है ऐसे में उन्हें उनके द्वारा किए गए श्रम के भुगतान हेतु कार्यालयों के चक्कर काटने विवश होना पड़ रहा है जबकि श्रमिक का भुगतान तो उसके पसीने के सूखने के पहले हो जाना चाहिए।


कर्मचारियों ने दिखाई मानवता,


अलग-अलग बीट से आए मजदूरों की विवशता को देखते हुए रेंज ऑफिस के परीक्षेत्र सहायकों ने आंशिक आर्थिक मदद कर उनकी समस्याओं को आला अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।


इनका कहना है,,
कैंप आमद से वृक्षारोपण समय सीमा में कराया जाता है राज्य शासन से आवंटन प्राप्त ना होने के कारण मजदूरी का भुगतान लंबित है शीघ्र बंटन प्राप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुकेश पटेल
अनुविभागीय अधिकारी वन मंडल सिहोरा

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