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इस वर्ष क्यों नहीं खुले समय पर केदारनाथ व बद्रीनाथ के कपाट?

ज्योतिषाचार्य निधिराज त्रिपाठी के अनुसार —देश और दुनिया इस वक्त कोरोना वायरस की चपेट से ग्रस्त चल रही है। ऐसे में इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट खुलने की तारीख में बदलाव किया गया है। केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट इस वर्ष खुलने की तारीख काफी आगे बढ़ा दी गई थी। बता दें अब केदारनाथ के कपाट 14 मई को 6 बजकर 10 मिनट पर और बद्रीनाथ के कपाट 15 मई को सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर खोले जायेंगे।

हिन्दू धर्म के पवित्र चार धामों में बद्रीनाथ धाम का नाम भी शामिल है। बद्रीनाथ मंदिर में भगवान विष्णु के बद्रीनारायण रूप की पूजा की जाती है। इस मंदिर का जिक्र विष्णु पुराण,महाभारत और स्कंद पुराण में भी मिलता है।

ज्योतिषाचार्य निधिराज त्रिपाठी के अनुसार —इस वर्ष क्यों नहीं खुले समय पर कपाट?
कोरोनो महामारी के चलते देशभर में लॉक डाउन की स्थिति है। ऐसे में केदारनाथ-बदरीनाथ के रावल महाराष्ट्र और केरल में फंस गए थे। हालांकि अब केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग रविवार सुबह उखीमठ पहुंच गए हैं। इसके अलावा बदरीनाथ के रावल भी सोमवार को उत्तराखंड लौटने वाले हैं।

हालांकि इस बीमारी के लिए बनाए गए मापदंडों के हिसाब से उन्हें चौदह दिनों के लिए क्वॉरेंटाइन पीरियड में जाना पड़ेगा। जिसके चलते तय तारीख पर कपाट नहीं खुल सकेंगे। एक बार ये चौदह दिन की क्वॉरेंटाइन पूरा होने के बाद कपाट सामान्य रूप से खोले जा सकेंगे।

ज्योतिषाचार्य निधिराज त्रिपाठी के अनुसार —बता दें कि इससे पहले कपाट खुलने की विधि वीडियो कांफ्रेंस के जरिए की जा सके इस बारे में चर्चा की गई थी, हालांकि इसे बाद में अस्वीकार कर दिया गया था। माना जा रहा है कि 15 मई तक कोरोना का प्रकोप काफी हद तक खत्म हो जायेगा तब कपाट खोले जायेंगे।

नोट: बता दें कि पहले केदारनाथ धाम के कपाट खोले जाने की निर्धारित तिथि 29 अप्रैल थी और वहीं बदरीनाथ धाम का कपाट 30 अप्रैल को श्रद्धालुओ के लिए खोला जाना था।

इस वर्ष कैसे होगा दर्शन?

कोरोना वैश्विक महामारी के मद्देनजर इस साल भक्तों की यात्रा, उनकी सुरक्षा इत्यादि का ख़ास ख्याल रखा जा रहा है। इस साल यात्रा कैसे होगी इस विषय पर अभी भी बातचीत चल रही है और विचार किया जा रहा है। अभी प्रस्तावित प्लान (जिसमें मौजूदा परिस्थितियों में एक-दूसरे से शारीरिक दूरी के मानकों का पालन करते हुए कैसे यात्रा को चला सकते हैं इत्यादि बातों पर गौर करते हुए) सरकार को भेजा जायेगा और वहां से मिली गाइडलाइन्स के अनुसार ही आगे कोई भी कदम उठाया जायेगा।

ज्योतिषाचार्य निधिराज त्रिपाठी के अनुसार —जानिए कैसे तय की जाती है मंदिरों के कपाट खोलने की यह तारीख?

मंदिर का कपाट किस दिन खोलने हैं इसके लिए एक दिन तय किया जाता है, लेकिन यह दिन कैसे तय किया जाता है? तो इसकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें दरअसल बद्रीनाथ के कपाट खुलने की तारीख बसंत पंचमी को तय की जाती है।

इसके लिए टिहरी महाराज की जन्म कुंडली देखी जाती है उसके बाद राज्य ज्योतिष और मंदिर के अधिकारी कपाट खुलने की तारीख तय करते हैं। ऐसे ही केदारनाथ मंदिर खुलने की तिथि शिवरात्रि को उखीमठ में निश्चित की जाती है। आप अपनी हर समस्या के समाधान हेतु हम से संपर्क कर सकते हैं l ज्योतिषाचार्य निधि राज त्रिपाठी
9302409892

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