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एकीकृत कृषि विकास योजना अपनाकर कृषक कीआय बढ़ायें

रबी समीक्षा और खरीफ कार्यक्रम निर्धारण बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त

जबलपुर : अपर मुख्य सचिव एवं कृषि उत्पादन आयुक्त प्रभांशु कमल ने निर्देश दिये हैं कि उन्नत कृषि तकनीक, सिंचाई आदि सुविधाओं का समुचित उपयोग कर खरीफ फसलों का रकबा बढ़ाया जाय । कृषि के लिये उपलब्ध सम्पूर्ण भूमि का उपयोग सुनिश्चित किया जाय । उन्होंने फसलों की उत्पादकता बढ़ाने पर भी जोर दिया । इसके लिये नवीन कृषि पद्धति और वैज्ञानिक सलाह को अमल में लाने के लिये कहा । कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि जय किसान फसल ऋण माफी योजना से किसानों के फसल ऋण माफ हुए हैं । किसानों को लाभ मिला है । योजना का दूसरा चरण शीघ्र प्रारंभ होगा । उन्होंने निर्देश दिये कि इस योजना का लाभ गरीब कृषकों को प्राथमिकता से मिले ।कृषि उत्पादन आयुक्त जबलपुर में रबी 2018-19की समीक्षा और खरीफ 2019 के कार्यक्रम निर्धारण की समीक्षा कर रहे थे । बैठक में संभागायुक्त राजेश बहुगुणा, कृषि सचिव मुकेश शुक्ला, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति, कृषि वैज्ञानिक, प्रबंध संचालक सहकारिता और कृषि से जुड़े विभाग के विभागाध्यक्ष, संचालक कृषि अभियांत्रिकी, प्रबंध संचालक बीज निगम और जबलपुर जिले के कलेक्टर भरत यादव सहित संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर्स, कृषि और संबंधित विभागों के जिला और संभाग स्तरीय अधिकारी मौजूद थे ।
संभागायुक्त राजेश बहुगुणा ने कहा कि राज्य शासन की मंशा के अनुरूप कृषि से कृषकों की आय को दुगना करने के लिये कृषि, पशुपालन, मत्स्य और अन्य कृषि गतिविधियों पर आधारित समन्वित कृषि के विकास को जबलपुर संभाग में प्रोत्साहित किया जा रहा है । कृषकों को कृषि संबंधी कार्य वर्ष के 120 दिन ही रहता है । कोशिश हो रही है कि कृषक अधिकतम 250 दिनों तक उद्यानिकी, मत्स्य, पशुपालन और अन्य गतिविधियों से जुड़कर अपनी आय बढ़ा सकें । इसके लिये कृषि विभाग के मैदानी अधिकारियों को लक्ष्य दिया गया है कि वे कृषकों का चयन कर उनकी आय बढ़ाने और कृषि विकास के माइक्रो प्लान को अमल में लाएं । इस वर्ष करीब पांच हजार से अधिक किसान इस कार्यक्रम तहत जोड़ने की योजना है ।
संभागायुक्त ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में हायर सेकेण्डरी स्तर पर कृषि फेकल्टी द्वारा कृषि विकास एवं उन्नत कृषि आदि की ट्रेनिंग दी जानी चाहिये । यदि हर पंचायत में एक युवा प्रशिक्षण प्राप्त करता है तो वह उन्नत ढंग से कृषि कर अन्य किसानों के लिये प्रेरणा बनेगा ।संभागायुक्त ने कहा कि अनुसूचित जाति जनजाति बहुल क्षेत्रों में अचार आदि के पौधे रोप कर ड्राफटिंग की नयी तकनीक से उनसे कम वर्षों में उत्पादन प्रापत किया जा सकता है । उन्होंने बताया कि छिंदवाड़ा में 100 पौधे रोप कर इस दिशा में कार्य शुरू किया जा रहा है । संभागायुक्त ने उन्नत कृषि यंत्रों का लाभ कृषकों तक पहुंचाने के लिये कृषि यंत्रों की ऑनलाइन व्यवस्था को और सरलीकृत बनाने पर जोर दिया । संभागायुक्त ने सिंचाई पंपों की गरीब किसान तक पहुंच बढ़ाने तथा डिंडौरी, मंडला जिलों में किसानों को कृषि में अधिक सहूलियत दिलाने अनेक उपयोगी सुझाव दिये । कृषि उत्पादन आयुक्त ने निर्देश दिये कि प्रमाणिक बीज का ही उपयोग किया जाय । सर्वप्रथम उन्नत बीज की व्यवस्था करने वाली सरकारी संस्थाओं से बीज क्रय कर कृषकों तक पहुंचाया जाय । उन्होंने अमानक खाद-बीज और अन्य आदान कृषि सामग्री की बिक्री करने वाले निजी विक्रेताओं के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिये । बैठक में जैविक खाद को बढ़ावा देने और जैविक कृषि को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया । मृदा की रासायनिक संरचना के आधार पर उर्वरकों का उपयोग करने के लिये कृषिकों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गये । जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिसेन ने बताया कि विश्वविद्यालय में जैविक खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है । कृषि उत्पादन आयुक्त ने निर्देश दिये कि उर्वरकों का अग्रिम भंडारण किया जा रहा है । इसका लाभ किसानों को मिलना चाहिये । बैठक में कृषि विकास तथा कृषि से आय दुगनी करने के लिये कार्ययोजना, जिले की परिस्थिति के अनुसार कृषि विकास की योजना, नवाचार प्लान अगले 12 दिनों में संभागायुक्त के माध्यम से कृषि उत्पादन आयुक्त तक पहुंचाने के निर्देश दिए गये । संचालक कृषि अभियांत्रिकी ने बताया कि प्रदेश में फसल अवशेषों (नरवाई) में आग लगाने को प्रतिबंधित किया गया है । इसके लिये अर्थदंड का प्रावधान भी है । उन्होंने कहा कि किसानों को जागरूक किया जाय कि फसल अवशेषों को नष्ट करने के लिए उन्नत कृषि यंत्रों का इस्तेमाल किया जा सकता है ।प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा करते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि किसान को फसल बीमा योजना का भुगतान सुनिश्चित किया जाय । इस योजना से संबंधित शिकायतों और मुद्दों का निराकरण स्थानीय स्तर तथा राज्य शासन स्तर पर कराया जाय ।कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि जय किसान फसल ऋण माफी योजना तहत लंबित शिकायतों का निराकरण शीघ्र कर लिया जाय । जिला कलेक्टरों से अपेक्षा की गयी कि जिला बैंकों की तरलता में वृद्धि के लिये वे हर संभव उपाय करेंगे ।

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