जरा हटकेमध्य प्रदेश

एक गांव ऐसा भी:सड़क पर लगा गंदगी का अंबार नहीं होती साफ- सफाई

जबलपुर :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जितना जोर स्वच्छ्ता मिशन में दिया शायद ही किसी ने दिया हो,जिसके तहत सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों में साफ -सफाई के लिए सरकार द्वारा राशि भी उपलब्ध करवाई जाती है, लेकिन आज भी कुछ ऐसी पंचायते है जो साफ -सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही करने में लगे है, फिर चाहे ग्रामीण भले ही बीमारियों का शिकार क्यों न होने लगे उन्हें इससे कोई मतलब नहीँ

मंझोली की लमकना पंचायत का मामला

मामला मंझोली जनपद की लमकना ग्राम पंचायत का है जहां पर तालाब किनारे बस्ती के बगल में गंदगी की भरमार है, गंदगी भी ऐसी की लोग दस मिनट वहां खड़े न हो पाए,ग्रामीणों ने तो यहाँ तक बताया की सफाई के अभाव में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है जिससे तरह -तरह की बीमारियों का खतरा बना हुआ है,

कोरोना काल मे भी नहीँ हुई सफाई

ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए यह भी बताया की ग्राम के बार्ड नंबर 13 जो की तालाब की मेड़ से लगा हुआ है, यहाँ पर नालियां बजबजा रहीँ है, और सड़क तक कचरा फैला रहता है,हलाकि ये बात अलग है की इस बात की जानकारी सरपँच सचिव को होते हुए भी सफाई नहीँ करवाई जा रही ,जबकि कोरोना काल मे साफ -सफाई के लिए सरकार द्वारा पंचायतों को एक राशि उपलब्ध करवाई गई थी जिसमें साफ -सफाई से लेकर दवा का छिड़काव भी शामिल था ताकि ग्रामीणों को बीमारियों से बचाया जा सके लेकिन यहाँ पर पंचायत द्वारा साफ -सफाई नहीँ करवाई इस बात से ही अंदाजा लगाया जा सकता है की जब कोरोना काल मे पंचायत सफाई व्यवस्था को लेकर गम्भीर नहीं रही तो पंचायत के सरपँच सचिव को ग्रामीणों के स्वास्थ कितनी परवाह है,

इनका कहना है, साफ -सफाई करवाई जा रही है, जो कचरे का ढेर लगा है,उसकी सफाई करवाई जा रही है,

लमकना सचिव,ओंकार सिंह

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