जरा हटकेमध्य प्रदेश

कचरा गाड़ी के चालक को सुरक्षा की मांग करना पड़ा महंगा,ननि ने निकाला काम से,कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

जबलपुर :कोरोना काल में सरकार जिन सफाई कर्मियों का सम्मान करने की बात करते नहीँ थकती, आखिर सफाई कर्मी सम्मान के योग्य है भी क्योंकि ऐसी महामारी के समय में भी जब लॉक डाउन के नियमों का पालन करने लोग घरों में रह रहे है,तब शहर की गंदगी के सफाई अपनी जान को दांव पर लगाकर इन्ही सफाई कर्मियों द्वारा की जा रही है ,लेकिन एक कचरा वाहन के चालक द्वारा सभी सफाई कर्मियों के लिए पी पी ई किट व सेनिटाइजर की मांग करते हुए फेसबुक में पोस्ट डॉलना महंगा पड़ गया,fb की पोस्ट देखकर डिपो इंचार्ज द्वारा कचरा गाड़ी के चालक व परिचालक को काम से निकाल दिया गया,

सुरक्षा की मांग करने पर काम से निकाला

वहीँ कचरा वाहन चालक आजाद सिंह पटेल ने बताया की वह नगर निगम में एक्सल कंपनी में चार साल से गाड़ी चला रहा था, और वह उस एरिया में गाड़ी चलाता था जहाँ सबसे पहले कोरोना पॉजिटव मरीज पाये गये थे ,जिसके चलते उस एरिया को प्रसासन ने रेड जोन में घोषित कर दिया था, उसके बाद सुरक्षा की दृष्टि से आजाद ने fb में सरकार से सुरक्षा की मांग करते हुए एक पोस्ट भी डाली थी,जिसमें आजाद पटेल द्वारा प्रसासन से मांग की गई थी की रेड जोन सहित अन्य एरिया में काम करने वाले सफाई कर्मियों को पी पी ई टी किट व सेनिटाइजर उपलब्ध करवाए जाए,लेकिन उन्हें सुरक्षा सामग्री तो नहीँ मिली उल्टे उसे ओर उसके हेल्पर दौलत गोटिया ,को डिपो इंचार्ज विवेक पटेल द्वारा पोस्ट डॉलने के दूसरे ही दिन 28 अप्रैल 2020 को काम से निकाल दिया गया,

आजाद और उसके हेल्पर के सामने अब रोजी रोटी का संकट

वहीँ कोरोना जैसी महामारी के चलते लोग जब गरीबों की मदद करने आंगे आ रहे है ,ऐसे में इन दो गरीबों को बेबजह काम से निकाल देना कहाँ का न्याय है ,क्या सुरक्षा की मांग करना अपराध है?इन तमाम सवालों के साथ अब आजाद पटेल ने कलेक्ट्रेट में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है ,तो वहीं बताया तो ये भी जा रहा है की डिपो इंचार्ज द्वारा आजाद पटेल पर अब डीजल चोरी की झूठी और मनगढ़ंत बातें बनाई जा रहीं है ,अब ऐसे में देखना होगा की आजाद व उसके साथ को कब तक न्याय मिल सकेगा?

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