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कलेक्टर की अध्यक्षता में आवारा पशुओं के व्यवस्थापन को लेकर बैठक संपन्न


जबलपुर :आवारा पशुओं के व्यवस्थापन को लेकर बुधवार के दिन कलेक्टर कार्यालय में संपन्न हुई बैठक में सड़क दुर्घटना में घायल अथवा बीमार गौ-वंश के उपचार में लगने वाली दवाईयों के लिए आवश्यकता पडऩे पर जिला पशु कल्याण समिति से पशु चिकित्सा अस्पताल को राशि उपलब्ध कराने के निर्देश कलेक्टर भरत यादव ने दिए हैं।श्री यादव ने बैठक में कहा कि राशि के अभाव में घायल गौ-वंश का उपचार किसी हालत में रोका नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि वेटरनरी कॉलेज के अस्पताल में दवाए नहीं हैं तो पशु कल्याण समिति से इसके लिए राशि मुहैय्या कराई जाए।बैठक में निगम आयुक्त अनूप कुमार, जिला पंचायत के सीईओ प्रियंक मिश्रा, उपसंचालक पशुपालन विभाग डॉ. एसके वाजपेयी भी मौजूद थे। कलेक्टर ने बैठक में सड़कों पर आवारा घूम रहे पशुओं के मामले में पशुमालिक का पता चलने पर उनसे दो गुना जुर्माना वसूलने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों पर घूम रहे गौ-वंशीय पशुओं को शहरी क्षेत्र के मामले में नगर निगम द्वारा संचालित गौशालाओं में और ग्रामीण क्षेत्र के मामले में मुख्यमंत्री गौशाला परियोजना के तहत बनी गौशालाओं में भेजा जाना चाहिए।श्री यादव ने सड़क दुर्घटना में घायल पशुओं को पशु चिकित्सालय तक पहुंचाने के लिए नगर निगम द्वारा संचालित एम्बुलेंस में प्रशिक्षित स्टॉफ को ही तैनात करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बैठक में आवारा कुत्तों के प्रबंधन पर चर्चा करते हुए आवारा कुत्तों के बधियाकरण की नई तकनीक को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने नगर निगम द्वारा आवारा कुत्तों के बधियाकरण की जिम्मेदारी जिस गैर सरकारी संगठन को सौंपी गई है उसके सदस्यों को वेटरनरी कॉलेज से नवीनतम तकनीक के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दिलाई जाए।श्री यादव ने नगर निगम द्वारा आवारा कुत्तों के लिए कठौंदा में बनाए गए डॉग हाउस का विस्तार करने के लिए भी बैठक में निर्देश दिए।

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