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खेती-किसानी के लिए किसानों को सामयिक सलाह


जबलपुर :किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग और कृषि विज्ञान केन्द्र ने अगस्त माह के द्वितीय पखवाड़े में किसानों द्वारा किये जा सकने वाले कृषि कार्यों के संबंध में जिले के कृषकों के लिए उपयोगी समसामयिक सलाह दी है।उपसंचालक कृषि डॉ. एसके निगम और कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. एके सिंह ने जिले के किसानों को धान, मक्का, सोयाबीन और उड़द व मूंग की फसलों से अधिक उत्पादन लेने के तौर-तरीकों और कीटनाशक उपाय के सुझाव दिये हैं। सलाह के तहत इस समय धान की फसल बढ़वार की अवस्था पर है। किसान भाईयों को सलाह दी गई है कि धान-फसल में 30-35 दिन की अवस्था पर मध्यम प्रजातियों में 15-18 व संकर प्रजातियों में 20-22 किग्रा-एकड़ यूरिया की टॉप डे्रसिंग करें। जिन किसान भाईयों की धान फसल में पत्तियों पर भूरे-लाल लम्बवत धब्बे दिख रहे हैं व पत्तियों के ऊपरी सिरे सूख रहे हैं तो ये झुलसा रोग के लक्षण हैं। इस रोग की रोकथाम हेतु खेत से पानी निकाल दें। तत्पश्चात ट्राईसाइक्लोजोल 75 प्रतिशत डब्लूपी 1 मिली/ली या एजॉक्सीस्ट्राबिन (11 प्रतिशत), टेबूकोनोजोल (18.3 प्रतिशत)1.5 मिली/ली या एजॉक्सीस्ट्रोबिन (18.2 प्रतिशत), डाइपेनोकोनाजोल (11.4 प्रतिशत) 1 मिली/ली की दर से छिड़काव करें।
मक्का
मक्का की फसल अभी पूल की अवस्था पर है। किसान भाईयों को सलाद दी जाती है कि 22-26 किग्रा यूरिया प्रति एकड़ की दर से संकर मक्का में यूरिया की टॉप ड्रेसिंग करें। कुछ स्थानों पर मक्का का पौधा बीच से टूट रहा है। यह मक्के का तना स्टॉक रॅाट रोग है। किसान भाई खेत में जल निकास की व्यवस्था करें तथा ब्लीचिंग पाउडर 4 किग्रा प्रति एकड़ की दर से ड्रेसिंग करें अथवा कॉपर आक्सीक्लोराइड-2 ग्राम प्रति लीटर तथा स्ट्रेप्टोसाइक्लिन-4 ग्राम प्रति 10 लीटर की दर से छिड़काव करें। मक्का में फॉल आर्मी वर्म कीट का प्रकोप होने पर प्रारंभिक अवस्था में फसल बचाव हेतु स्याइनोसैड 45 प्रतिशत का 60-65 मिली लीटर या इमामोक्टेन बेंजोएट 5 प्रतिशत एसजी 100 मिली लीटर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें।

सोयाबीन
किसान भाइयों को सलाद दी जाती है कि यदि सोयाबीन में पुष्पन प्रारंभ हो गया है तो इस अवस्था में किसी भी प्रकार के शाकनाशी का छिड़काव न करें। कम बढ़वार की दशा में पुष्पन अवस्था से पूर्व अथवा बाद में सोयाबीन फसल में एनपीके 18:18:18 अथवा एनपीके 19:19:19 की एक किग्रा मात्रा प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें।
उड़द व मूंग
उड़द की पत्तियों में लगातार बारिश के कारण पर्णदाग देखने को मिल रहे हैं। नियंत्रण हेतु थियोफिनेट मिथाइल 70 डब्ल्यू पी 2 ग्राम अथवा कार्बेडाजिम 50 डब्ल्यूपी 1.5 ग्राम प्रति लीटर की दर से छिड़काव करें। उड़द व मूंग में पीतशिरा रोग की समस्या देखी जा रही है। किसान भाई रोग ग्रसित पौधों को उखाड़कर मिट्टी में दबा दें। तत्पश्चात एमिडाक्लोप्रिड 17.8 एसएल 0.5 से 0.8 मिली प्रति लीटर की दर से छिड़काव करें। प्रारंभिक अवस्था में मूंग व उड़द में सफेद मक्खी के नियंत्रण हेतु डाइमेथोएट 30 प्रतिशत ईसी अथवा ट्रोइजोफॉस 1.5 मिली प्रति लीटर की दर से छिड़काव करें।

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