जरा हटकेमध्य प्रदेश

ग्राम पंचायत भंवर की अवैध तलैया निर्माण का काम रोक पाने में जिला प्रशासन नाकाम


*सतना( ननकू यादव ): जनपद पंचायत सुहावल के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत भंवर सरपंच रवि कोल वित्तिय सचिव उपयंत्री राजीव त्रिपाठी सुहावल जनपद सीईओ टी बी सिंह के निर्देश पर ग्राम पंचायत भंवर सरपंच द्वारा जो वर्तमान में तलैया निर्माण का कार्य किया जा रहा है। जबकि जिला पंचायत के आदेशानुसार टीएस खसरा नम्बर 471 में तलैया निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई थी। मगर प्रशासन द्वारा निर्धारित की गई जमीन से हटकर खसरा नम्बर 48 में तलैया का निर्माण कार्य किया जा रहा है। जबकी खसरा नम्बर 47। 48 में वहां से सर्वजनिक रास्ता भी राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है।जो पूर्णता अवैध है।

वहां के ग्रामीणों द्वारा इस अवैध खनन पर आपत्ति जताई है।और जिला प्रशासन से अवैध रूप से जेसीबी मशीन द्वारा कराये जा रहे निर्माण कार्य को वंद कराने की गुहार लगाई है। गांव के ही कुछ लोगों ने बताया कि जहां तलैया निर्माण कार्य किया जा रहा है।वहां पर तो पहले से ही जीबीआर कंपनी ने रोड निर्माण के समय जेसीबी मशीन द्वारा जमीन खोदकर मिट्टी निकाल लिया था और तलैया जैसे बना दिया था। बाबजूद भंवर सरपंच रवि कोल (आदिवासी) जो कि नाम मात्र का सरपंच है। असली सरपंच तो कोई और हैं। रमाकांत पांडेय के निर्देशन पर ग्राम पंचायत के सभी कार्य इन्ही के द्वारा कराया जाता है। वहां के ग्रामीणों ने जैसा बताया। अव सबसे बड़ा सबाल ये उठता है कि सायद भंवर सरपंच रवि कोल को ये नहीं पता कि धारा 92 के तहत अमानत में खयानत शासकीय कार्य में अनिमितताओं के तहत गवन की गई राशि की भरपाई भी इन्ही भ्रस्टाचारियों से किये गए कार्यो की रिकवरी भी जिला प्रशासन द्वारा की जायेगी। मस्टर रोल यानी मनरेगा योजना के तहत मजदूरों के द्वारा काम न करबाकर जे सी बी के द्वारा अवैध खनन कर तलैया बनाई जा रही हैं।

भवर सरपंच 6 लाख की खानापूर्ति करके शासन की रकम को बंदरबांट करने के चक्कर में जनपद सीईओ से लेकर हल्का पटवारी आर आई एवं कोठी तहसीलदार तक की भूमिका संदिग्ध हालात में नजर आ रही है। सरपंच से लेकर सचिव तक ही नहीं वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में नजर आ रही है और भ्रष्टाचार चरम पर दिखाई दे रहा है। भ्रष्टाचार की जड़ सुरुआत ही सायद सरपंच से होती है।उपयंत्रियों जिसे देश में निर्माता का दर्जा प्राप्त हो।शिल्पी निर्माण कर्ता ही जव नतमस्तक दिखाई देता हो। तो भ्रष्टाचार चरम पर ही होगा। और इन्फ्रास्ट्रक्चर कमजोर सावित होगा। इनका कहना है। अवैध तरीके से तलैया निर्माण कार्य यदि आवंटित जगह पर नही हो रहा है तो संबंधित अधिकारियों के ऊपर सख्त कानूनी कार्यवाही की जायेगी। *जिला पंचायत सीईओ सुश्री ऋजु बाफना*

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