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चिकित्सा‍ शिक्षा मंत्री के साथ निजी अस्पताल संचालकों की बैठक में बनी यह सहमति

जबलपुर :चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग की अध्यक्षता में आज यहाँ कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में सम्पन्न हुई बैठक में निजी अस्पताल संचालकों ने कोविड मरीजों के लिये आरक्षित बिस्तरों में से 20 प्रतिशत बिस्तरों को आयुष्मान योजना के कार्डधारी कोरोना मरीजों को उपलब्ध कराने पर सहमति व्यक्त की है ।चिकित्सा शिक्षामंत्री श्री सारंग ने बैठक को संबोधित करते हुए कोरोना मरीजों के उपचार के लिये आरक्षित किये गये बिस्तरों में से कम से कम 20 प्रतिशत बिस्तरों पर आयुष्मान योजना के कार्ड धारियों को प्राथमिकता देने का आव्हान निजी अस्पताल संचालकों से किया था। बैठक में निजी अस्पताल संचालकों ने कोरोना मरीजों के उपचार के लिये तय की गई दरों को सूचना पटल पर प्रदर्शित करने की बात भी स्वीकार की।
श्री सारंग ने अपने संबोधन में कोरोना मरीज़ों का उपचार प्रारम्भ करने के लिये निजी अस्पताल संचालकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपेक्षा की कि जबलपुर के निजी अस्पताल अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वाह करते हुये इस महामारी से लड़ने में शासन का पूरा सहयोग करेंगे और जनता की सेवा और शहर के हितों को प्राथमिकता देंगें ।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने बैठक में कहा कि कोरोना के प्रत्येक मरीज को निःशुल्क उपचार मिले इसके लिये मेडिकल और विक्टोरिया अस्पताल की क्षमता लगातार बढ़ाई जा रही है। श्री सारंग ने मेडिकल एवं विक्टोरिया अस्पताल सहित रेलवे और मिलेट्री अस्पताल तथा निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के उपचार की सुविधाओं तथा आईसीयू एवं ऑक्सीजन सपोर्टेड बिस्तरों की उपलब्धता का ब्यौरा प्राप्त किया ।बैठक में विधायक अजय विश्नोई, अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी इंदु, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान, संभाग कमिश्नर महेशचंद्र चौधरी, आई जी बी.एस. चौहान, कलेक्टर कर्मवीर शर्मा, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा, नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ जीतेन्द्र जामदार मौजूद थे ।अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान ने बैठक में मौजूद निजी अस्पताल संचालकों से कहा कि हालात को देखते हुये उन्हें अस्पताल की क्षमता बढ़ाने की दिशा में तेजी से प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि निजी अस्पताल संचालकों को आयुष्मान योजना के लिये बीस प्रतिशत बिस्तर आरक्षित करना होगा। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि निजी अस्पतालों में बिस्तर खाली होने पर आने वाले हर मरीज को भर्ती किया जाना चाहिये। केवल आर्थिक स्थिति के आधार पर किसी तरह का भेदभाव न हो इसका उन्हें ध्यान रखना होगा। श्री सुलेमान ने निजी अस्पताल संचालकों से कोरोना मरीजों के उपचार के लिये शासन द्वारा तय गाईड लाइन और प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करने की बात भी कही ।

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