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चीन व यूरोपीय देशों के बीच प्रत्‍यर्पण संधि पर सियासत


बर्लिन एजेंसी:कोरोना काल में जर्मनी ने हांगकांग को हथियार सहित अन्य बस्तुओं के निर्यात में पाबंदी लगा दी है,  यूरोपीय देशों की एकजुटता की सीख देते हुए चीन के राष्‍ट्रीय सुरक्षा कानून के खिलाफ जर्मनी ने हांगकांग को हथियार और दोहरे उपयोग के सामान का निर्यात बंद कर दिया है। जर्मनी ने यह कदम यूरोपीय संघ की प्रतिक्रिया के तहत उठाया है। जर्मनी ने कहा है कि चीन के राष्‍ट्रीय सुरक्षा कानून के प्रतिक्रिया स्‍वरूप यह कदम उठाया गया है।

हांगकांग के मुद्दे पर एकजुट हो यूरोपीय देश 

जर्मनी के विदेश मंत्री हेइको मास ने कहा कि बर्लिन ने यह कदम चीन के राष्‍ट्रीय सुरक्षा कानून की प्रतिक्रिया स्‍वरूप उठाया है। इस कानून का मकसद हांगकांग में व्‍यवस्‍था के खिलाफ उपजे असंतोष को दबाना है। मास ने यूरोपीय देशों से कहा कि उन्‍हें हांगकांग के मुद्दे पर एकजुट होना चाहिए और सामूहिक रूप से फैसला लेना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि चीन जैसी शक्तियों के लिए यूरोप को एक स्‍वर में बोलना चाहिए। उन्‍होंने कहा यूरोपीय देशों को अपने मूल्‍यों एवं सिद्धांतों को बनाए रखना चाहिए। विदेश मंत्री ने कहा कि हांगकांग के मसले पर हमने पहले ही कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

चीन और यूरोपीय देशों के बीच प्रत्‍यर्पण संधि पर शुरू हुई सियासत 

इस बीच चीन ने यूरोपीय देशों के खिलाफ कदम उठाते हुए कनाडा, ऑस्‍ट्रेलिया और ब्रिटेन के साथ हांगकांग के प्रत्‍यर्पण संधि को स्‍थगति कर दिया है। बता दें कि कनाडा, ऑस्‍ट्रेलिया और ब्रिटेन ने चीन के नए सुरक्षा कानून के खिलाफ समान कदम उठाया था। चीन ने इसके बाद इन तीनों देशों से प्रत्‍यर्पण संधि को स्‍थगित करने का ऐलान किया है। न्यूजीलैंड ने पहले ही हांगकांग के साथ अपनी प्रत्यर्पण संधि को निलंबित कर दिया था। उधर, संयुक्त राज्य अमेरिका ने भी यह संकेत दिया है कि वह भी ऐसे कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। 

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