अपराधबड़ी खबरमध्य प्रदेश

जमीन के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी

जबलपुर :पाई -पाई जोड़कर जमीन खरीदने का सपना जिन आंखों ने देखा तो वह साकार तो हुआ लेकिन जब उनको पता चला की उस जमीन को फर्जी तरीके से बेचा गया है तब पैरों तले जमीन खिसक गई मामला शहर के गोहलपुर थाना क्षेत्र का है पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक गिरजा देवी अग्रवाल उम्र 60 वर्ष निवासी सरस्वती कॉलोनी गोहलपुर ने लिखित शिकायत की कि अनिल जैन उर्फ गुड्डा जैन निवासी तिलक भूमि तलैया, मनोज कुमार उर्फ मन्टू जैन निवासी पुराना हनुमानताल, संतोष कुमार जैन निवासी कपड़े की दुकान गढ़ा फाटक द्वारा जीवन रजक से फर्जी कागजों से तैयार की गई जमीन का अनुबंध दिनांक 19-3-12 को कर उसे 63 लाख रूपये में विक्रय करके धोखाधड़ी की है क्योंकि उक्त जमीन का खसरे से नाम सभी के नाम कलेक्टर एवं कमिश्नर कार्यालय द्वारा पृथक कर दिया गया है, उसने उपरोक्त जमीन अपने एवं अपने स्व0 पति श्री कृष्णकुमार अग्रवाल के नाम पर उपरोक्त व्यक्तियों से 63 लाख रूपये में क्रय की थी, उपरोक्त व्यक्तियों ने उसे एवं उसके पति को जीवन रजक व उसके परिवार के साथ किये गये अनुबंध की छायाप्रति दी व जीवन रजक व उसके परिवार से उसके पति के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री करवाई , उक्त रजिस्ट्री के गवाह अनिल जैन व निकलेश जैन उर्फ निक्की हैं एवं राशि लेन देन के समय सुधीश जैन थे । उसने एवं उसके पति ने उक्त जमीन की राशि यूनियन बैक आफ इंडिया शाखा गोपालबाग के 4 चैकों के माध्यम से कुल 41 लाख 82 हजार 200 रूपये जीवन रजक के नाम पर दिये तथा शेष राशि 21 लाख 78 हजार 800 रूपये उपरोक्त विक्रेताओं द्वारा नगद लिये गये, जीवन रजक व उनके परिवार की सहमति से उसके व उसके पति के नाम रजिस्ट्री करवाई गई , रजिस्ट्री के बाद उसके पति ने डायवर्सन खसरे में नाम चढ़ाने की बात कही तो मन्टू , गुड्डा, संतोष तीनों आनाकानी करने लगे तो उसने कहा खसरे मे नाम नहीं चढ़वा सकते तो पैसे वापस कर दो, तो दिये हुये पैसे वापस भी नहीं किये व उसके पति को धमकाने लगे, इसी जमीन के टेंशन के कारण उसके पति की मृत्यु दिनांंक 09-06-2017 को हो गई,।

वकीलों से पता चला तो खुला राज

वहीं उसे पूरा मामला वकीलों के माध्यम से पता चला की जो जमीन जैन बंधुओ ने उसे जीवन रजक से दिलवाई है उस जमीन के कारण जीवन रजक व उसके परिवार के आठ सदस्यों पर थाना गोहलपुर में अपराध क्र. 537/14 धारा 420,467,468,471,120 बी एवं 34 भादवि का मामला दर्ज हुआ है। तब ज्ञात हुआ कि जीवन रजक की कोई जमीन ही नहीं है, फर्जी तरह से खसरे में नाम दर्ज कराया है, जिस पर अपरांध पजीबद्ध हुआ है। दिनांक 2-01-2017 एवं दिनांक 27-10-2017 को जीवन रजक ने जिन जिन व्यक्तियों के पक्ष में पी 2 में जो नामातरण किये गये थे, उसे निरस्त कर दिया गया क्योंकि फर्जी रजिस्ट्री के सहारे ये नामांतरण कराये थे, । फरियादी की शिकायत पर संतोष कुमार जैन, अनिल जैन, मनोज जैन, जीवन रजक, एवं अन्य के विरूद्ध धारा 420,406 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर पुलिस ने मामले की जांच सुरु कर दी है

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