धर्ममध्य प्रदेश

ज्येष्ठ अमावस्या आज , क्या करना चाहिए व क्या नहीँ ,जानिए यहाँ

ज्योतिषाचार्य निधिराज त्रिपाठी के अनुसार —22 मई, शुक्रवार को ज्येष्ठ अमावस्या का पर्व मनाया जाएगा।

इस दिन शनि जयंती भी मनाई जाती है और साथ ही महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए इस दिन वट सावित्री का व्रत भी रखती हैं। इसीलिए इन कारण से ज्येष्ठ अमावस्या का महत्व और भी ज़्यादा बढ़ जाता है।

हिन्दू धर्म में अमावस्या का दिन दान-पुण्य आदि के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। अमावस्या के दिन लोग पितरों की शांति के लिए पिंड दान एवं तर्पण आदि भी करते हैं। हालाँकि देश में फैली महामारी को देखते हुए हम आपको यही सलाह देंगे कि सार्वजनिक जगहों पर जाने से बचें और पूजा-पाठ आदि जैसे सभी धार्मिक कार्य अपने घरों में रहते हुए करें। वैसे तो एक साल में आने वाली सभी अमावस्या धर्म-कर्म के कार्यों के लिए शुभ और सौभाग्यशाली होती हैं, लेकिन इन सब में ज्येष्ठ अमावस्या का विशेष महत्व होता है। इस दिन सच्चे मन से पूजा करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है और शनि देव भी प्रसन्न हैं।

ज्येष्ठ अमावस्या पूजा मुहूर्त
मई 21, 2020 को 21:38:10 से अमावस्या आरम्भ

मई 22, 2020 को 23:10:10 पर अमावस्या समाप्त

ज्योतिषाचार्य निधिराज त्रिपाठी के अनुसार —ज्येष्ठ अमावस्या का महत्व
ज्येष्ठ अमावस्या का दिन बेहद खास होता है। इस दिन न्याय के देवता कहे जाने वाली शनि देव की जयंती मनाई जाती है। इतना ही नहीं शनि जयंती के साथ-साथ महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिये इस दिन वट सावित्री व्रत भी रखती हैं। इसीलिए जेष्ठ अमावस्या का दिन बहुत ही सौभाग्यशाली माना जाता है। कुछ लोग इस दिन व्रत भी रखते हैं। वैसे तो अमावस्या के दिन किसी भी कार्य को करना शुभ नहीं माना जाता है, लेकिन आध्यात्मिक तौर पर देखें, तो अमावस्या के दिन का खास महत्व होता है। इस दिन लोग अपने पूर्वजों को याद करते हैं और गरीबों को दान पुण्य करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन शुभ कार्यों को करने से पापों का नाश होता है।
आप अपनी हर समस्या के समाधान हेतु हम से संपर्क कर सकते हैं l ज्योतिषाचार्य निधि राज त्रिपाठी
9302409892

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