अपराधमध्य प्रदेश

झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्यवाही जारी :मरीजों की नब्ज देखने वाले के हाथों में लगेगी हथकड़ी

जबलपुर :जिस इलाज की इनके पास अनुमति नहीँ है जिसकी इन डॉक्टरों के पास डिग्री नहीं है उसका इलाज भी कुछ डॉक्टरों द्वारा किया जा रहा है ,वैसे तो जिले भर में ऐसे सैकड़ो की संख्या में झोलाछाप डॉक्टर होंगे, जो की एलोपैथी पद्धत्ति से इलाज कर सर्दी जुकाम की दवाएं भी दे रहे है लेकिन स्वास्थ अमले की तरफ से अभी तक ऐसे चंद डॉक्टरों के खिलाप ही मामला दर्ज करवाया गया है ,जिसमें गुरुवार के बाद आज शुक्रवार के दिन एक और झोलाछाप डॉक्टर पर कार्यवाही की गई ,

एक और झोलाछाप पर मामला दर्ज ,

पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक थाना कोतवाली में दिनांक 09-07-2020 को अजय कुरील  ने लिखित शिकायत की कि वह विक्टोरिया अस्पताल जिला मीडिया अधिकारी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जबलपुर के द्वारा तीन सदस्यों की कमेटी गठित की जाकर निर्देशित किया गया था कि अनाधिकृत पैथी में इलाज करने वाले ऐसे चिकित्सक जिन्हें एलोपैथी पद्धति से चिकित्सा व्यवसाय करने की वैधानिक डिग्री या डिप्लोमा तथा आवश्यक सभी पंजीयन न होने पर भी एलोपैथिक दवाईयां मरीज को परामर्श करने का अधिकार नही है एवं वे चिकित्सक अनाधिकृत रूप से परामर्श कर चिकित्सा व्यवसाय कर रहे हैं, की जांच करें एवं गंभीर कार्यवाही करें। इसी सबंध में डॉ एस. ए. खान (शेख अफजल खान) के संबंध में दिनांक 10-04-2020 को शिकायत प्राप्त हुई थी, जांच कमेटी के द्वारा पाया गया की

अवैध क्लिनिक का संचालन करता था डॉक्टर खान

डॉक्टर खान द्वारा अवैध क्लिनिक का संचालन किया जा रहा था ,जिसके तहत दमोह नाका से दीनदयाल चौक की तरफ जाने पर बांये हाथ पर मेन रोड में ही मेट्रो अस्पताल के पास, कोठारी मेडीकल स्टोर के पहले  क्लीनिक स्थित है। इस क्लीनिक का  सी.एम.एच.ओ. कार्यालय का कोई पंजीयन नहीं करवाया है। जबकि म.प्र. उपचर्यागृह तथा रुजोपोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) अधिनियम 1973 की धारा-3 के अन्तर्गत समस्त मान्य चिकित्सा पद्धतियों के अन्तर्गत संचालित सभी क्लीनिकल स्थापना का पंजीयन अनिवार्य है। दिनांक 10-04-2020 को   नोटिस दिया गया था  ।   इसके बाद डॉ एस. ए. खान (शेख अफजल खान) द्वारा 21.05.2020 को सीएमएचओ कार्यालय में पंजीयन का आवेदन प्रस्तुत किया है। 

एलोपैथिक दवाइयां लिखता था डॉक्टर खान ,

जांच में यह भी पाया गया की डॉक्टर खान सर्दी-जुकाम के उपचार हेतु प्रतिबंधित अग्रेजी दवा परामर्श  इनका आयुर्वेदाचार्य के रूप में पंजीयन मप्र आयुर्वेदिक यूनानी चिकित्सा पद्धति एवं प्राकृतिक चिकित्सा बोर्ड में 24 जनवरी 1980 को हुआ   आयुर्वेदाचार्य होने पर भी  डॉ एस. ए. खान (शेख अफजल खान)  सर्दी जुकाम आदि की एलौपेथिक दवा लिखते हैं।  डॉ एस. ए. खान (शेख अफजल खान) द्वारा  दिनांक 17.03.2020 को मरीज के परचे में बुखार,  सर्दी-जुकाम के उपचार हेतु   अंग्रेजी दवा लिखी है, जबकि अंग्रेजी दवायें मरीज को दिये जाने का परामर्श देने का अधिकार नहीं है  फिर भी मरीज को लेने का परामर्श दिया। 

मरीजों के साथ की जा रही थी धोखाधड़ी ,

गौरतलब है की वर्तमान समय में कोरोना वायरस संक्रमण के चलते जबलपुर क्षेत्र में भी महामारी का क्षेत्र घोषित है एवं एलोपैथिक पद्धति से मरीजों का इलाज इनके द्वारा किया जाकर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर धोखाधड़ी की जा रही है। इस तरह इस चिकित्सक ने परामर्श प्राप्त करने वाले मरीज के साथ धोखाधड़ी कर अवैध लाभ अर्जित किया। साथ हीः-(प)बिना पंजीयन के एलोपैथी प्रैक्टिस कर नेशनल मेडिकल कमीशन एक्ट 2019 की धारा-34,(पप) अनधिकृत चिकित्सा व्यवसाय कर मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1987 की धारा 21 सहपठित धारा 24,(पपप) क्लीनिकल स्थापना का पंजीयन न कर म.प्र. उपचर्यागृह तथा रुजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) अधिनियम 1973 की धारा-3 सहपठित धारा 8 (क) एक तथा दो का उल्लंघन कर अपराध किया गया है। शिकायत पर पुलिस ने डॉ एस. ए. खान (शेख अफजल खान)  के विरूद्ध धारा 420 भादवि एवं नेशनल मेडिकल कमीशन एक्ट 2019 की धारा 34 ,म.प्र. आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1987 की धारा 21 सहपठित धारा 24 का अपराध पंजीबद्ध कर मामले की जांच सुरु कर दी है,

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close
Close