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नियमों का पालन करें अन्यथा कार्यवाही के लिए तैयार रहें मैरिज गार्डन, बैण्ड, डीजे संचालकों, आतिशबाजों और केटरर्स को प्रशासन ने दी चेतावनी

जबलपुर :नियम आम जनता की सुविधा के लिए है । व्यक्ति की स्वतंत्रता वहीं तक सीमित है जब तक कि दूसरे की स्वतंत्रता में खलल न हो । यातायात व्यवस्था को सुधारने और शहर को स्वच्छ बनाने में सभी को अपना-अपना योगदान देना होगा । व्यवस्था में तत्काल सुधार हो यह अपेक्षा किसी से नहीं है लेकिन जिसकी जितनी क्षमता है उसे अपनी ओर से तत्काल प्रयास करने होंगे । यदि जल्दी ही सुधार नहीं आया अथवा कोई नियम-कानून का पालन नहीं करना चाहता तो उस पर कठोर कार्यवाही की जायेगी ।
यह समझाईश बारातघर संचालकों, बैण्ड और डीजे संचालकों, आतिशबाजों, टेंट हाउस संचालकों एवं केटरर्स को आज रविवार की शाम आयोजित बैठक में कलेक्टर श्री भरत यादव एवं पुलिस अधीक्षक श्री अमित सिंह ने दी । कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में नगर निगम आयुक्त आशीष कुमार, अतिरिक्त कलेक्टर हर्ष दीक्षित एवं संदीप जीआर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात अमृत मीणा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर राजेश त्रिपाठी तथा नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त टी.एस. कूमरे भी मौजूद थे । बैठक में बारातघर संचालकों को वाहनों की पार्किंग पर ध्यान देने खास हिदायत दी गई । बारातघर संचालकों से कहा गया कि उन्हें पूरे क्षेत्र का कम से कम 25 फीसदी हिस्सा पार्किंग के लिए रखना ही होगा । सड़कों पर वाहनों की पार्किंग न हो इसका उन्हें ध्यान रखना होगा साथ ही व्यवस्थित पार्किंग के लिए अपने कर्मचारी तैनात करने होंगे । बारात घर संचालकों को साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि उनकी वजह से यदि यातायात व्यवस्था में व्यवधान हुआ और आम नागरिकों को परेशानी हुई तो इसके लिए उन पर कार्यवाही होगी । उन्हें बारातघरों में सुरक्षा के सभी उपाय अपनाने के निर्देश भी दिये गये । अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई साथ ही अग्निशमन यंत्रों के उपयोग के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने कहा गया ।
बारातघर संचालकों को विद्युत की साज-सज्जा में खुले तारों का उपयोग न करने की समझाईश भी बैठक में दी गई है । इसके साथ ही उन्हें अपने बारातघरों, डीजे, ध्वनि विस्तारक यंत्रों एवं आतिशबाजी का उपयोग रात दस बजे के बाद किसी भी सूरत में न करने के निर्देश दिये गये । आतिशबाजों से भी कहा गया कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही आतिशबाजी करें । यदि किसी तरह की दुर्घटना आतिशबाजी से हुई तो संबंधित का लायसेंस निरसत कर दिया जायेगा ।
बैठक में केटरर्स को भी निर्देश दिये गये कि वे सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करें । उन्हें पर्याप्त संख्या में डस्टबिन रखने की हिदायत भी दी गई ताकि कचरा इधर-उधर न फैले । केटरर्स से बचे हुए भोजन को फेंकने की बजाये उन स्वयंसेवी संस्थाओं को देने के निर्देश दिये गये जो गरीबों को भोजन उपलब्ध कराने का काम कर रही है ।
बैठक में बारातघर संचालकों को वैवाहिक समारोह से निकलने वाले कचरे से खाद बनाने के लिए कम्पोस्ट पिट स्थापित करने के निर्देश दिये गये । उन्हें वाहनों के पार्किंग स्थल और बारातघर के भीतर हाई रिजोल्युशन वाले नाइट विजन सीसीटीव्ही कैमरे लगाने की हिदायत भी दी गई ताकि वैवाहिक कार्यक्रमों में होने वाली चोरियों पर लगाम लगाई जा सके ।
बैठक में डीजे संचालकों को भी रात्रि दस बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर लगे प्रतिबंध का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिये गये । डीजे संचालकों से कहा गया कि रात दस बजे के बाद डीजे या ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल हुआ तो उनके उपकरण जप्त कर लिये जायेंगे ।
बैठक में यातायात में होने वाले व्यवधान को देखते हुए सड़कों पर बारात निकालने हतोत्साहित करने के निर्देश भी दिये गये । बारात में सजावटी लाइटों को सिर पर लेकर चलने में बच्चों और गर्भवती महिलाओं को न लगाने की हिदायत दी गई । ऐसा करने पर बालश्रम कानून एवं अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्यवाही की चेतावनी दी गई ।
कलेक्टर श्री यादव ने बैठक में बारातघर संचालकों से साफ शब्दों में कहा कि अभी तक जो होता रहा है अब आगे उसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा । नियम कायदों का पालन सभी को करना होगा । उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं को सुधारने में सभी को अपनी-अपनी तरह से योगदान देना होगा । श्री यादव ने कहा बारातघर संचालकों को पार्किंग के लिए 25 प्रतिशत स्थान छोड़ना होगा । उन्होंने सुरक्षा के मद्देनजर अग्निशमन यंत्रों तथा बारातघरों में प्रवेश और निर्गम के अलग-अलग द्वार की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये । श्री यादव ने कहा कि प्रशासन बारातघर संचालकों, केटरर्स, आतिशबाजों एवं डीजे संचालकों पर तत्काल कार्यवाही के पक्ष में नहीं है लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं कि व्यवस्थाओं में सुधार न हो । कलेक्टर ने कहा कि बारातघर संचालक एवं शादी समारोह से जुड़े अन्य सभी व्यवसायियों को अपनी सोच बदलनी होगी और शहर के यातायात को सुगम बनाने तथा शहर को स्वच्छ बनाने में प्रशासन का साथ देना होगा । उन्होंने कहा कि जो बारातघर संचालक, डीजे संचालक, केटरर्स और बैण्ड संचालक नियमों का पालन करेंगे प्रशासन उनके साथ है ।
कलेक्टर ने इस मौके पर बारातघर संचालकों से कहा कि बुकिंग के समय ही लोगों को नियम कायदों की पूरी जानकारी दे दें । जो नियम कायदों का पालन नहीं करता है उसकी सूचना प्रशासन और पुलिस को दें । उन्होंने बारातघर संचालकों की कठिनाई भी सुनी । श्री यादव ने कहा कि शादी समारोह में हर्ष फायर पूरी तरह प्रतिबंधित है । यदि कोई उसका उल्लंघन करता है तो बारातघर संचालक इसकी सूचना प्रशासन को तत्काल दें । उन्होंने बारातघर संचालकों से नियमों एवं कानूनों की प्रति उपलब्ध कराने के निर्देश नगर निगम के अधिकारियों को दिये । श्री यादव ने बारातघर संचालकों को नगर निगम में रजिस्ट्रेशन कराने तथा संबंधित तहसील कार्यालय से भूमि के उपयोग का मद परिवर्तन कराने की हिदायत भी दी । उन्होंने नगर निगम आयुक्त से कहा कि बारातघर संचालकों की सुविधा के लिए रजिस्ट्रेशन एवं लायसेंस हेतु अलग से केम्प लगाने के लिए निगम अधिकारियों को निर्देशित करें । श्री यादव ने बारातघर संचालकों की मांग पर बारातघरों को शहर से बाहर शिफ्ट करने की योजना पर विचार करने का आश्वासन भी दिया ।
पुलिस अधीक्षक अमित सिंह ने भी बैठक को संबोधित करते हुए बारातघर, डीजे एवं बैण्ड संचालकों एवं केटरर्स को नियमों का पालन नहीं करने पर कठोर कार्यवाही की चेतावनी दी । उन्होंने कहा कि बारातघरों के सामने बेतरबीत पार्किंग से लगने वाले ट्रेफिक जाम के लिए संबंधित बारातघर संचालकों को दोषी माना जायेगा ।
पुलिस अधीक्षक ने डीजे संचालकों से कहा है कि परमीशन लेकर ही शादी-विवाह के कार्यक्रमों में डीजे का इस्तेमाल करें । उन्होंने आतिशबाजों को भी सुरक्षित आतिशबाजी करने के निर्देश दिये । पुलिस अधीक्षक ने कहा कि फिलहाल व्यवस्थाओं के सुधार के लिए बारातघर संचालकों को कुछ समय देने के पक्षधर हैं । यदि इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ तो उन्हें कठोर कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा । इस मामले में अब किसी तरह का समझौता नहीं होगा ।

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