नियम विरूद्ध स्कूलों पर होगी मान्यता समाप्ति की कार्यवाही

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जबलपुर ,अशासकीय सीबीएसई तथा माध्यमिक शिक्षा मण्डल भोपाल से संबंद्ध एवं राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त सभी अशासकीय विद्यालयों के विद्यालय परिसर और विद्यालयीन अनुशंसा पर किताबें, स्टेशनरी, यूनीफार्म, बैग आदि का विक्रय पूर्णत: प्रतिबंधित है। इन स्थितियों पर सतत् निगरानी रखने के लिए जबलपुर संभाग के सभी जिलों में अशासकीय विद्यालयों के निरीक्षण के लिए गठित निगरानी समिति द्वारा 20 अप्रैल तक सघन जांच की जाएगी।संयुक्त संचालक लोक शिक्षण राजेश तिवारी ने बताया कि संभाग के प्रत्येक जिले में अशासकीय स्कूलों की जांच के लिए निगरानी समिति गठित करने के निर्देश संबंधित जिले के जिला शिक्षा अधिकारियों को दिए गए हैं। इस समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी एवं अनुभवी प्राचार्य, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक तथा बीआरसीसी को शामिल करने को कहा गया है। समिति अशासकीय स्कूलों के निरीक्षण के दौरान देखेगी कि सीबीएसई तथा स्टेट बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालयों द्वारा नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं। जिला स्तर पर संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा गठित निगरानी समिति एनसीआरटी बुक्स से अध्यापन, अनावश्यक रिफरेंस बुक्स का उपयोग न हो, किताब, कॉपी, बस्ता, यूनीफार्म एवं अन्य सामग्री के विक्रय न किए जाने विषयक सीबीएसई व माध्यमिक शिक्षा मण्डल के निर्देशों के पालन की स्थिति का भी निरीक्षण करेंगी। इसके अलावा समिति बस्ते का बोझ कम करने के संबंध में सीबीएसई व माध्यमिक शिक्षा मण्डल के निर्देशों के पालन, विद्यालय में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा हेतु मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं सीबीएसई संबंद्धता एवं राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के मान्यता नियमों के अनुरूप स्कूल के संचालन सहित आरटीई नियमों के पालन जैसे मुख्य बिंदुओं पर निरीक्षण कर अपना प्रतिवेदन देगी। निगरानी समिति को निरीक्षण के दौरान यदि किसी अशासकीय स्कूल में नियम व निर्देशों का पालन नहीं होना पाया जाता है तो कार्यवाही के अधीन संचालित होने वाले अशासकीय स्कूलों की मान्यता समाप्ति तथा सीबीएसई बोर्ड के अधीन संचालित स्कूलों की एनओसी वापिस करने विषयक अनुशंसा संबंधित जिले की निगरानी समिति करेगी स्कूली बच्चों के बस्ते का अनावश्यक बोझ न बढ़े इस हेतु प्राचार्यगणों को सुनियोजित टाइम-टेबिल बनाकर वांछित पुस्तकें तथा उत्तर पुस्तिकाएं ही छात्र-छात्राओं से मंगवाने के निर्देश दिए गए हैं।