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प्रधानमंत्री मोदी ने स्वामित्व योजना में प्रॉपर्टी कार्ड वितरण का किया शुभारंभ


जबलपुर:प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आत्मनिर्भर भारत के लिए स्वामित्व योजना एक बड़ा कदम है। प्रत्येक परिवार को प्रॉपर्टी कार्ड उपलब्ध करवाने का लक्ष्य पूरा करने के लिए ठोस पहल हुई है। अपने मकान का मालिक बनने से स्वाभिमान जागृत होता है। नये विश्वास की जिन्दगी शुरु होती है। संपत्ति के क्रय विक्रय का कार्य आसान और बैंक ऋण प्राप्ति में मदद भी मिलती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी आज मध्यप्रदेश सहित देश के 6 राज्यों के 763 गांव के लोगों के लिए निर्मित संपत्ति कार्ड वितरण की शुरुआत कर रहे थे।मध्यप्रदेश में पहले साल 10 जिले के 10 हजार गाँव चयनित किए गए हैं। भारत सरकार की इकाई सर्वे ऑफ इंडिया के सहयोग से ग्रामों में बसाहट वाले इलाकों पर ड्रोन से नक्शों का निर्माण और इस आधार पर डोर-टू-डोर सर्वे के माध्यम से अधिकार अभिलेखों का निर्माण किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में डिण्डोरी, सीहोर और हरदा में आबादी सर्वे कार्य जून माह से शुरु किया गया है। अब तक 49 ग्रामों के अधिकार अभिलेख के प्रकाशन का कार्य किया गया है।


प्रधानमंत्री श्री मोदी ने डिण्डोरी के दशरथ से किया संवाद


प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्यप्रदेश के हितग्राहियों में से चयनित डिण्डोरी जिले के एक हितग्राही श्री दशरथ सिंह मरावी से बातचीत भी की। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने श्री दशरथ सिंह से पूछा कि ग्राम में ड्रोन आने से कोई झगड़ा तो नहीं हुआ और कागज मिलने में कोई दिक्कत तो नहीं आई। श्री दशरथ मरावी ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को उत्तर दिया कि उन्हें कोई दिक्कत नहीं आई। यह अच्छा कार्य हो गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लाभान्वित हितग्राहियों से कहा कि अब आपकी संपत्ति पर कोई भी गलत नजर नहीं रख पाएगा। प्रधानमंत्री ने अन्य राज्यों के हितग्राहियों से भी बातचीत की।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि ड्रोन के माध्यम से मेपिंग सर्वे और लैण्ड रिकार्ड संधारण के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किया जाएगा। स्वामित्व योजना लोगों को न सिर्फ प्रॉपर्टी कार्ड उपलब्ध करवाएगी बल्कि विकास कार्यों का संचालन भी आसान हो जाएगा। पंचायतों के कार्य भी तकनीक के माध्यम से पारदर्शी तरीके से पूरे हो रहे हैं। निर्मित कार्यों के लिए जियो टेगिंग को अनिवार्य किया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि उनकी जब ग्रामीणों से बात हुई तो ज्ञात हुआ कि स्वामित्व योजना के लिए ग्राम में ड्रोन के उपयोग से ऊंचाई से ली गई ग्राम की तस्वीर देखकर ग्रामवासी बहुत प्रसन्न होते हैं। उनमें गांव के प्रति प्रेम बड़ जाता है। स्वामित्व योजना संपत्ति का रिकार्ड बन जाने से आत्मविश्वास को बढ़ाने और विवादों को समाप्त करने में भी बहुत उपयोगी है। योजना में सवा करोड़ व्यक्तियों ने पंजीयन करवाया है। निश्चित ही यह योजना ग्रामों में ऐतिहासिक परिवर्तन लाएगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने केन्द्रीय पंचायत राज, ग्रामीण विकास और कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर एवं उनके मंत्रालय को इस महत्वपूर्ण योजना की शुरुआत के लिए बधाई दी। प्रारंभ में केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर ने स्वागत उद्बोधन दिया।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान भी इस कार्यक्रम में मिंटो हाल स्टुडियो, भोपाल से शामिल हुए। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहरलाल खट्टर, उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत भी कार्यक्रम में शामिल हुए।


स्वामित्व योजना की विशेषताएं


पंचायती राज मंत्रालय ने 24 अप्रैल 2020 को योजना प्रारंभ की। योजना देश में 4 वर्ष में चरणबद्ध रूप में क्रियान्वित होगी। देश के 6.62 लाख ग्राम कवर होंगे।
पायलेट फेस में मध्यप्रदेश सहित उत्तरप्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तराखंड, पंजाब और राजस्थान शामिल हैं। भू-संपत्ति मालिकों को मोबाइल फोन पर एसएमएस से लिंक देकर संपत्ति कार्ड डाउनलोड करने की सुविधा होगी।
राज्य सरकारें संपत्ति कार्ड का फिजीकल वितरण करेंगी।इस योजना से भू-संपत्ति मालिक अपनी संपत्ति को वित्तीय संपत्ति के तौर पर इस्तेमाल कर सकेंगे।
अलग-अलग राज्यों में संपत्ति कार्ड को अलग-अलग नाम दिए जाएंगे। मध्यप्रदेश में संपत्ति कार्ड को अधिकार अभिलेख, महाराष्ट्र में सनद, उत्तरप्रदेश में घरौनी, हरियाणा में टाइटल डीड, कर्नाटक में रूरल प्रॉपर्टी ओनरशिप रिकार्ड, (आरपीओआर) नाम दिया गया है।

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