बड़ी खबरमध्य प्रदेश

बाबासाहेब आंबेडकर की 128 वीं जयंती पर बच्चों ने गाया भीम को बोलो जी हैप्पी बर्थडे टू यू

जबलपुर सिहोरा ;संविधान निर्माता डॉ बाबासाहेब आंबेडकर की 128 वी जयंती पखवाड़ा के रूप में डॉ आंबेडकर आदर्श विचार मंच के तत्वाधान में स्थानीय कंकाली मोहल्ला वार्ड नंबर 3 में बड़ी धूमधाम से मनाई गई जयंती समारोह का कार्यक्रम बच्चों द्वारा डॉक्टर अंबेडकर के गीत भीम को बोलो जी हैप्पी बर्थडे टू यू पर डांस ग्रुप द्वारा डांस प्रस्तुति से किया गया ! जिसमें अंबेडकरी गीत गायक डबल चौधरी जी विजय भोरेल एवं डॉ बीके साकेत द्वारा भी मनमोहक एवं प्रेरणा दाई गीत प्रस्तुत किए गए! कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री रत्नेश सिंह (पूर्व डीएसपी जबलपुर पी एच क्यू जबलपुर) द्वारा बाबा साहब अंबेडकर के जीवन संघर्ष पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कैसे बाबा साहब अंबेडकर ने दलित पिछड़े अशिक्षित समाज में जन्म लेने के बाद भी और लाखों उपेक्षाओं और तमाम आर्थिक संकटों के बावजूद देश और विदेश अमेरिका इंग्लैंड जर्मनी में उच्च शिक्षा प्राप्त कर भारत का नाम रोशन किया एवं विभिन्न विषयों की डिग्री प्राप्त कर भारत लौटकर देश सेवा एवं देश के लो को ही अपना धर्म मान कर खुद को राष्ट्र सेवा में समर्पित कर दिया एवं आजीवन दलित पिछड़े शोषित वंचित समाज एवं महिलाओं की मुक्ति के लिए समर्पित रहे! इस अवसर पर कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद (वरिष्ठ व्याख्याता) श्रीमती सरोज चौधरी श्रीमती शिव रानी बिरहा श्रीमती जमुना रैदास आदि ने बाबा साहब अंबेडकर की पवित्र वाक्य को बताया कि शिक्षा शेरनी का वह दूध है जो पिएगा वह दहाड़ेगा महिला वक्ताओं ने उनके द्वारा संविधान में महिलाओं को प्रदत्त अधिकार स्त्री शिक्षा बाल विवाह निषेध शोषण के विरुद्ध अधिकार एवं सबके लिए विकास के समान अवसरों की समानता के साथ साथ लिंग आधारित भेदभाव खत्म कर समाज में समता समानता बंधुता एवं भाईचारे की जो मिसाल भारतीय संविधान में बाबा साहब ने पेश की उसकी कोई दूसरी बानगी विश्व में कहीं देखने को नहीं मिलती बाबा साहब ने राष्ट्र के हर व्यक्ति को राष्ट्र के मान-सम्मान स्वाभिमान गरिमा एवं भाईचारे को अखंड बनाए रखने के लिए जो विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान दिया है जिससे आज देश में संकट के समय भी समरसता और भाईचारा कायम है जो किसी भी राष्ट्र की मजबूती एवं संगठन शक्ति का प्रतीक है की देश के प्रत्येक नागरिक को अपने प्राणों की बाजी लगाकर भी राष्ट्र की एकता और अखंडता को बनाए रखना चाहिए कार्यक्रम की अध्यक्षता ओम समद ने की इस अवसर पर प्रकाश गौतेल वही एस महतो शिव छाबरा मंगल लाल पुरी नरेश लालपुरहा नीरज सोनकर शिवानी सोनकर रोशनी बर्मन आदि ने अपने विचार रखे कार्यक्रम का संचालन रामसेवक बिरहा ने किया

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close
Close