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रिहा होते ही महबूबा ने कह दी ये बड़ी बात

श्रीनगर:आखिर लगभग पौने पंद्रह महीने बाद महबूबा रिहा हो गईं, लेकिन जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और PDP चीफ महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने रिहाई के फौरन बाद ही फिर से संघर्ष का ऐलान किया है। जन सुरक्षा अधिनियम (PSA) के तहत हिरासत में ली गईं मुफ्ती को मंगलवार रात में रिहा कर दिया गया। उन्होंने ट्विटर अकाउंट पर ऑडियो संदेश जारी कर आर्टिकल 370 (Article 370) के प्रावधानों को हटाए जाने को काला फैसला करार दिया और कहा कि कश्मीर का संघर्ष जारी रहेगा।महबूबा मुफ्ती ने ट्विटर पर शेयर किए गए ऑडियो संदेश में कहा, ‘मैं आज एक साल से भी ज्यादा समय के बाद रिहा हुई हूं। 5 अगस्त 2019 के उस काले दिन का काला फैसला मेरे दिल और रूह पर हर पल वार करता रहा। मुझे यकीन है कि ऐसी ही स्थिति जम्मू-कश्मीर के लोगों की रही होगी। कोई भी उस दिन की बेइज्जती को भूल नहीं सकता।’ सुनिए महबूबा का संदेश-

कश्मीर के मसले को हल करने की जद्दोजहद जारी रहेगी


महबूबा ने कहा, ‘दिल्ली दरबार ने गैर कानूनी, गैर लोकतांत्रिक तरीके से हमसे छीन लिया, उसे वापस लेना होगा। साथ ही कश्मीर के मसले को हल करने के लिए जद्दोजहद जारी रखनी होगी, जिसके लिए हजारों लोगों ने अपनी जानें न्योछावर की। यह रास्ता आसान नहीं है, मुझे यकीन है कि हौसले से यह दुश्वार रास्ता भी तय होगा। जम्मू कश्मीर के जितने भी लोग देश की जेलों में बंद हैं, उन्हें जल्द से जल्द रिहा किया जाए।’

14 महीने 8 दिन बाद रिहा हुईं महबूबा


जम्मू-कश्मीर से 5 अगस्त 2019 को आर्टिकल 370 के प्रावधानों को हटाने के साथ ही महबूबा मुफ्ती को पीएसए के तहत हिरासत में ले लिया गया था। तबसे अब तक उनकी हिरासत की अवधि लगातार बढ़ाई जा रही थी। आखिरकार 14 महीने और आठ दिन बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने उन्हें रिहा करने का फैसला किया है। जम्मू-कश्मीर के प्रमुख सचिव सूचना रोहित कंसल ने इसकी जानकारी दी।

उमर, महबूबा समेत कई बड़े नेता हिरासत में लिए गए थे


बीते साल 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 के प्रावधानों को हटाने के साथ ही एहतियातन पीएसए के तहत 444 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें से ज्यादातर लोगों को अब रिहा कर दिया गया है। कुछ लोगों को इस शर्त पर रिहाई दी गई कि वे कोई भी राजनीतिक बयान जारी नहीं करेंगे। हिरासत में लिए गए लोगों में मुफ्ती के अलावा घाटी के प्रमुख बड़े नेता उमर अब्दुल्ला और उनके पिता फारूक अब्दुल्ला भी शामिल थे। महबूबा को उनके आधिकारिक आवास फेयरव्यू बंगले में हिरासत में रखा गया था। हिरासत के साथ ही प्रशासन ने इस बंगले को उपजेल घोषित किया था।साभार नवभारत टाईम्स

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