धर्ममध्य प्रदेश

विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी आज,संकट दूर करने के लिए करें ये उपाय

ज्योतिषाचार्य निधि राज त्रिपाठी के अनुसार —–सितम्बर के महीने में 5 सितंबर, शनिवार के दिन विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी है। मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है, और उनकी कृपा पाने के लिए और मनोकामना पूर्ति के लिए इस दिन व्रत भी किया जाता है।

पश्चिम और दक्षिण भारत में संकष्टी चतुर्थी का व्रत बेहद अहम माना जाता है। किसी भी शुभ काम को करने से पहले हिंदू धर्म में भगवान गणेश की पूजा किए जाने का विधान माना गया है। ऐसी मान्यता है कि, संकष्टी चतुर्थी के दिन जो कोई भी इंसान भगवान गणपति की पूरे विधि विधान के साथ पूजा करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं। संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणपति का पूजन कर के कोई भी इंसान विशेष वरदान को बेहद ही आसानी से पा सकता है। साथ ही उसके जीवन में आने वाली किसी भी तरह की सेहत से जुड़ी समस्या को भी हमेशा के लिए दूर किया जा सकता है।
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संकष्टी चतुर्थी पूजन विधि
इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान कर लें।
स्नान के बाद हल्के पीले या पीले रंग के वस्त्र पहन लें।
इसके बाद मंदिर या पूजा वाली जगह पर भगवान गणपति का एक चित्र लाल रंग के कपड़े पर स्थापित करें।
भगवान गणेश की पूजा करते समय अपना मूंह/मुख पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ रखें।
इसके बाद भगवान गणपति के आगे दिया जलाएं और उनको लाल गुलाब चढ़ाएं।
इस दिन की पूजा में तिल के लड्डू, रोली, मोली, चावल, फूल, तांबे के लोटे में जल, केला, और उनका प्रिय प्रसाद मोदक अवश्य रखें।
इस मंत्र का जाप करें,
“माल्यादीनि सुगन्धीनि मालत्यादीनि वै प्रभो |
मयाहृतानि पुष्पाणि गृह्यन्तां पूजनाय भोः ||”
प्रत्येक चंद्र मास में दो चतुर्थी पड़ती हैं। पूर्णिमा के बाद कृष्ण पक्ष पर आने वाली चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहते हैं, और अमावस्या के बाद शुक्ल पक्ष को आने वाले चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं। संकष्टी चतुर्थी का व्रत हर महीने में होता है। संकष्टी चतुर्थी अगर मंगलवार के दिन पड़ती है तो उसे अंगारकी चतुर्थी कहते हैं, और इसे बेहद ही शुभ माना गया है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देखा जाए तो हर व्यक्ति का जन्म होते ही वह अपने प्रारब्ध के चक्र से बंध जाता है और ज्योतिषशास्त्र द्वारा निर्मित जन्म कुंडली हमारे इसी प्रारब्ध को प्रकट करती है। हमारे जीवन में सभी घटनाएं बारह राशि व नवग्रह द्वारा ही संचालित होती हैं। इन ग्रहों का आपके जीवन पर आने वाले समय में कैसा प्रभाव पड़ेगा इसके बारे में विस्तृत जवाब जानने के लिए अभी आप भी कर्ज़ की समस्या से परेशान हैं, और उससे जुड़ा कोई व्यक्तिगत उपाय, निवारण जानना चाहते हों या इससे जुड़े किसी सवाल का जवाब चाहिए हो तो
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