विष्णु बराह के जन्मस्थली की दुदर्शा पर ये क्या बोल गए साधू बाबा

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जबलपुर ,जगत के पालनकर्ता भगवान विष्णु के बराह अवतार का नाता कहीँ न कहीँ मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले की मझोली तहसील के नरीला ग्राम जो की हटौली पंचायत में आता है उससे जुड़ा हुआ है स्थानीय लोगों की मानें तो आज से हजार वर्ष पूर्व यहाँ के तालाब में एक छोटा सा पत्थर एक बर्मन को मिला और उसने उसको घर मे ले जाकर रख दिया उसके बाद अचानक उन्होंने पड़ा का रूप लेकर नुकसान करना सुरु कर दिया लेकिन जब लोग शिकायत लेकर बर्मन के घर जाते तो उन्हें वहां कुछ नहीं मिलता फिर स्वप्न देकर भगवान ने बताया उसके बाद ग्रामीणों द्वारा मझोली में मंदिर बनाकर स्थापित किया गया आज वहाँ पर भगवान विष्णु बराह का भव्य मंदिर है लेकिन क्या उनकी जन्मस्थली वह नारायण सरोवर आज सुरक्षित है जहाँ पर वे एक छोटे से पत्थर के रूप में मिले थे स्वच्छ या नहीं जिसकी पड़ताल करने पर पता चला की नरीला मानसरोवर जो की विष्णु बराह की जन्मस्थली है आज वह बुरी तरह दुदर्शा का शिकार है स्थानीय साधुओं ने बताया की यहाँ पर चुनाव आते ही नेता आशीर्वाद लेने जरूर आते है लेकिन उसके बाद दुबारा यहाँ मुड़कर नहीँ देखते इस सरोवर की सफाई न होने से काई सहित अन्य गंदगी ने सरोवर की शोभा में ग्रहण लगा दिया है

नरीला के शौचालयों का आता है गन्दा पानी

वहीं लोगों की मानें तो इस सरोवर से लगे ग्राम नरीला के घरों में बने शौचालयों का गंदा पानी भी कुछ समय से इस सरोवर में आने लगा है गंदगी से भगवान के ननिहाल कहा जाने वाला यह नारायण सरोवर दुदर्शा का शिकार होता जा रहा है साथ ही सरोवर के किनारे से कुछ लोग अवैध उत्खनन कर रहे है लेकिन इनपर नकेल कसने और तालाब के जीणोद्धार की बात करने वाले जनप्रतिनिधि और प्रसासन न जानें कहाँ खो गए है

भीख मांगकर करेंगे जीणोद्धार

वहीं काफी वर्षो से दुदर्शा का शिकार हो रहे नारायण सरोवर के जीणोद्धार पर बालकिशोर पुरी ने कहा की यहाँ पर चुनाव के पूर्व और अपनी राजनैतिक रोटी सेंकने तो कई नेता आये लेकिन भगवान की इस जन्मस्थली का जीणोद्धार किसी ने नहीं किया अब ऐसे में हम साधु समाज ही भीख मांगकर नारायण सरोवर के जीणोद्धार का कार्य करेंगे