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शिल्पकला को बढ़ावा देने शहीद स्मारक में हस्तशिल्प एवं हाथकरघा मेला व प्रदर्शनी लगी

जबलपुर : शिल्पकला को बढ़ावा देने एवं कारीगरों को रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से शहीद स्मारक गोल बाजार में मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हाथकरघा मेला व प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है । 12 मई तक चलने वाले इस मेले और प्रदर्शनी में कई पुरस्कृत शिल्पकारों द्वारा शिल्पकला और कारीगरी के नायाब नमूने प्रदर्शित है । मेले की खासियत है । यहां आये मध्यप्रदेश के करीब 60 कारीगर । 1930 के दशक की डिजाइनों में चन्देरी साड़ियाँ, देवी अहिल्या बाई होल्कर नगरी की प्रसिद्ध महेश्वरी साड़ियाँ, पड़ाना की चादरें, वागप्रिंट तथा उज्जैन का वटिक प्रिंट, मालवा अंचल की खास वेरायटी वारासिवनी की कोसा सिल्क मेला में प्रदर्शित की गई है । रीवा, सतना, बुधनीघाट में निर्मित बच्चों के लकड़ी के खिलौनों को वास्तु के अनुसार शुभ की मान्यता है । महेश्वरी साड़ियों में नर्मदा के घाट की बारीक डिजाइन बुनाई के माध्यम से दर्शाई गई है । राज्य शासन की इस प्रदर्शनी में हाथकरघा की चादरें एवं मनभावन हस्तशिल्प की उपलब्धता रहेगी । इस भीषण गर्मी में काटन के शानदार बेहतरीन कपड़े, साड़ियाँ व दुपट्टे आदि उपलब्ध हैं । वरिष्ठ पुरस्कृत शिल्पकारों में खेमचंद कोली, अशोक कोली, मो. सरफराज एवं मो. रिजवान तथा सुरेश कुलश्रेष्ठ मेले में अपनी कला का जादू बिखेर रहे हैं । प्रदर्शनी में प्रवेश एवं पार्किंग नि:शुल्क रखा गया है । मेला व प्रदर्शनी प्रभारी एम.एल. शर्मा ने बताया कि राज्य शासन का उद्देश्य शिल्पकला को बढ़ावा देना एवं कलाकारों को रोजगार तथा संस्कारधानी वासियों को वाजिब दामों में गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध कराना है । मेला में कार्यरत मृगनयनी एम्पोरियम के प्रदीप कोष्टा, रामचरण पटेल, मुनीन्द्र उपाध्याय उपस्थित रहे ।

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