शौर्य, बलिदान और महिला सशक्तिकरण की प्रतीक हैं वीरांगना रानी दुर्गावती –ओमकार सिंह मरकाम

शेयर करें:

नौ अगस्त को आदिवासी दिवस पर शासकीय अवकाश की घोषणा

रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर बारहा में आयोजित कार्यक्रम में आदिम जाति कल्याण मंत्री

जबलपुर : प्रदेश के आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम ने रानी दुर्गावती को शौर्य का प्रतीक बताते हुए कहा कि वे सही मायने में नारी शक्ति और नारी सशक्तिकरण का स्वरूप हैं । उन्होंने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती ने देश की रक्षा के लिए जो बलिदान दिया वह आज भी आदिवासियों सहित संपूर्ण देश और समाज के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बना हुआ है । श्री मरकाम ने आदिवासी दिवस पर नौ अगस्त को संपूर्ण प्रदेश में शासकीय अवकाश की घोषणा भी कार्यक्रम में की । श्री मरकाम आज यहां गोंडवाना साम्राज्य की साम्राज्ञी रानी दुर्गावती के 455वें बलिदान दिवस पर बारहा स्थित रानी के समाधि स्थल पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे । इस मौके पर बरगी के विधायक श्री संजय यादव, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती ज्योति तीरथ कुंजाम, पूर्व विधायक नन्हेंलाल धुर्वे, कलेक्टर श्री भरत यादव एवं आदिवासी समाज के गणमान्य नागरिक मौजूद थे ।श्री मरकाम ने कार्यक्रम के प्रारंभ में रानी दुर्गावती की समाधि स्थल पर पूजा अर्चना कर श्रृद्धासुमन अर्पित किये । उन्होंने रानी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान पर केन्द्रित चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया । इस अवसर पर आदिम जाति कल्याण मंत्री ने रानी के पुत्र वीरनारायण की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण कर श्रृद्धांजलि दी । श्री मरकाम ने बारहा में 22.35 लाख की लागत से आदिवासी समाज के लिए बनने वाले सामुदायिक भवन का भूमिपूजन भी कार्यक्रम के प्रारंभ में किया । श्री मरकाम ने अपने संबोधन में आदिवासी समाजके उत्थान और बेहतरी के लिए प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि आदिवासी समाज के देव स्थलों का विकास करने का निर्णय भी मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने लिया है । उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के तहत भी आदिवासियों के धार्मिक स्थलों को शामिल करने का फैसला इस सरकार ने लिया है । आदिम जाति कल्याण मंत्री ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद आदिवासी समाज के लोगों को बताया कि रानी दुर्गावती के नाम पर भोपाल में मंत्रालय के समीप 28 करोड़ की लागत से आदिवासी भवन का निर्माण भी सरकार करा रही है । उन्होंने बताया कि आदिवासी समाज में शिक्षा के प्रसार को इस सरकार ने प्राथमिकता में शामिल किया है । आदिवासियों के बच्चों के लिए नये छात्रावास और आश्रम प्रदेश भर में बनाये जा रहे हैं । इसके साथ ही पूर्व में बनाये गये छात्रावासों और आश्रमों की क्षमता 30 सीटों से बढ़ाकर 50 सीट की जा रही है ।
श्री मरकाम ने बताया कि गोंडी भाषा को भी ख्यमंत्री श्री कमलनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने पाठ्यक्रम में शामिल करने की अनुमति प्रदान कर दी है । उन्होंने समाज में शिक्षा के प्रसार पर बल देते हुए आदिवासी समाज के लोगों से आव्हान किया कि वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलायें । श्री मरकाम ने युवाओं को नशे की गिरफ्त से दूर रखने में सहयोग का आग्रह समाज के लोगों से किया । उन्होंने कहा कि समाज को प्रगति के पथ पर अग्रसर करना है तो समाज के लोगों को सरकार के प्रयासों में भागीदार बनना होगा राह में आने वाली चुनौतियों का सामना करना होगा । श्री मरकाम ने आदिवासी समाज के लोगों से मेढ़-बंधान और तालाब निर्माण जैसे जल संरक्षण के कार्यों को अपनाने का आव्हान भी किया ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री संजय यादव ने रानी दुर्गावती के शौर्य और बलिदान को देश एवं समाज के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बताया । उन्होंने कहा कि सूचना क्रांति के इस युग में यदि कहीं भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई तो वो आदिवासी समाज ही है । श्री यादव ने इस मौके पर जबलपुर जिले में पानी की कमी से जूझ रहे शहपुरा, चरगंवा और कुंडम के आदिवासी क्षेत्रों में जल आपूर्ति के लिए प्रयासों की जानकारी दी । उन्होंने पायली परियोजना के क्रियान्वयन की चर्चा करते हुए कहा कि जनवरी माह से इस परियोजना पर काम शुरू हो गया है और इससे चरगंवा एवं बरगी क्षेत्र के 194 गांवों को जलापूर्ति होगी ।
कार्यक्रम में गोंडी संस्कृति पर केन्द्रित लोकनृत्य भी प्रस्तुत किये गये । इस अवसर पर आदिवासी समाज के गणमान्य नागरिकों का सम्मान भी आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम ने किया । कार्यक्रम के समापन पर कलेक्टर श्री भरत यादव ने आभार माना ।