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संभागायुक्त पहुंचे स्कूल-आंगनबाड़ी केन्द्र बच्चों से सुनी कविता, हल कराए गणित के प्रश्न

संभागायुक्त ने की समन्वित कृषि प्रणाली अपनाने वाले कृषकों से बातचीत

अचानक पहुंचे स्कूल मध्यान्ह भोजन ग्रहण किया कहा अच्छा है, सिर्फ मिर्च अधिक है

जबलपुर ;संभागायुक्त राजेश बहुगुणा कुण्डम विकासखण्ड की ग्राम पंचायत फिफरी के शासकीय प्राथमिक शाला में बिना कोई पूर्व सूचना अचानक पहुंचे। दोपहर थी मध्यान्ह भोजन बनकर तैयार हुआ था। उन्होंने भोजन मंगाया और ग्रहण किया। भोजन में रोटी, सब्जी और दाल थी। उन्हें भोजन अच्छा लगा। सिर्फ सब्जी में मिर्ची थोड़ी अधिक थी।
संभागायुक्त के पूछने पर खाना बनाने वाली महिला ने बताया कि उसे पूरा पारिश्रमिक समय पर मिल जाता है। संभागायुक्त ने कक्षा दूसरी के बच्चों से गिनती सुनी। कापी में लिखी गिनती देखा। इस शाला में दो शिक्षक हैं एक अतिथि शिक्षक लम्बन सिंह मरावी शाला में मिले। शिक्षिका मंजूलता गोंटिया अर्जित अवकाश पर थीं। संभागायुक्त ने इसी तरह ग्राम बीजापुरी में प्राथमिक शाला, आंगनबाड़ी केन्द्र, बघराजी में शासकीय उच्च्तर माध्यमिक बालक-बालिका विद्यालय देखा। छात्रों, शिक्षकों से बातचीत की। वहीं अमझर, बीजापुरी में तालाब का निरीक्षण किया। संभागायुक्त समन्वित कृषि प्रणाली अपनाने वाले कृषकों से मिले। उनके द्वारा किए गए कृषि कार्यों की जानकारी ली। समस्या पूछी। अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत जबलपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रियंक मिश्रा, संयुक्त आयुक्त अरविंद यादव, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सुश्री विमलेश सिंह और संबंधित विभागों के अधिकारी भी साथ में थे। प्राथमिक शाला फिफरी में संभागायुक्त ने कक्षा पांचवी के बालक से शासन द्वारा प्रदत्त हिन्दी पाठ्य-पुस्तक का एक पाठ पढ़वाया जो उसने थोड़ा गलत उच्चारण करते हुए पढ़ा। दूसरे छात्र से गणित का सवाल 1984 में चार का भाग हल कराया। जिसे छात्र ने हल कर दिया। संभागायुक्त ने शिक्षक से कहा कि जो छात्र पढ़ाई-लिखाई में पीछे रह जाते हैं उन पर अधिक ध्यान देना होगा। पाठ को समझाकर पढ़ाया जाए और छात्र को उसे बार-बार पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने शौचालय की मरम्मत ग्राम पंचायत के माध्यम से कराने जिला पंचायत के सीईओ से कहा। कुण्डम विकासखण्ड के ग्राम बीजापुरी के आंगनबाड़ी केन्द्र जिसे आदर्श बाल शिक्षा केन्द्र के रूप में विकसित किया गया था संभागायुक्त श्री बहुगुणा द्वारा देखा गया। उन्होंने बच्चों से बड़े स्नेह से बात की। उनसे कविता और गिनती सुनी। अक्षर ज्ञान परखा। खेल-खेल में पढ़ने की विधि का जायजा लिया। जब वे केंद्र पहुंचे थे तो बच्चे प्रसन्नता के साथ खिलखिलाते हुए खेलते मिले। खेल-खेल में चित्रों के माध्यम से अक्षर ज्ञान, गिनती, त्रिभुज, चतुर्भुज आदि जानकारी दी जा रही थी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रेखा उद्दे ने बताया कि बच्चों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। पूछने पर बताया कि बच्चों को नाश्ता सुबह 10 बजे और दोपहर का खाना एक बजे दिया जाता है। संभागायुक्त ने बच्चों को टॉफी दी। आंगनबाड़ी केन्द्र के बगल में प्राथमिक शाला का भी निरीक्षण किया। बच्चों से गणित के कई सवाल हल कराए। जो बच्चों ने हल किए। शाला में 40 बच्चे दर्ज हैं। आज 31 उपस्थित थे। पदस्थ दो शिक्षिकाएं मौजूद थीं। संभागायुक्त ने शिक्षा के स्तर में और सुधार की आवश्यकता महसूस की। तदानुसार निर्देश दिए।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक कन्या शाला बघराजी के मुख्य गेट से प्रवेश करते हुए सुव्यवस्थित शाला की झलक मिली। मुख्य द्वार से शाला तक टाइल्स लगा पथ था। छात्राएं गणवेश में थीं। शाला परिसर में सफाई थी। बघराजी के सरपंच और ग्रामीणों ने शाला के प्राचार्य एमएल बाघरी की निष्ठा और परिश्रम की तारीफ की। प्राचार्य ने बताया कि वे 30 सितम्बर को सेवानिवृत्त होंगे तथा शाला के लिए यथासंभव आर्थिक सहयोग करेंगे। संभागायुक्त ने सरपंच और गांव के लोगों और वरिष्ठ शिक्षकों को शाला को और उत्कृष्ट बनाने के लिए प्रेरित किया। संभागायुक्त ने कक्षा 10 वीं और 12 वीं की छात्राओं से बोर्ड परीक्षा की तैयारी अभी से करने प्रेरणा दी। कहा पाठ बार-बार दोहराएं। कोई संदेह हो तो कक्षा में पूछने से हिचके नहीं। आपको भी तथा अन्य छात्राओं को भी फायदा होगा। परिसर को स्वच्छ रखने शिक्षक और छात्र को मिलकर काम करने की सीख दी। पुस्तकालय में वैज्ञानिकों, महापुरूषों के जीवन से जुड़ी पुस्तकें और नेशनल पुस्तक ट्रस्ट की सामान्य ज्ञान की पुस्तकें शामिल करने के लिए कहा। समाचार पत्र खरीदने और पढ़ने की हिदायत दी।
संभागायुक्त ने दो अक्टूबर को शाला के प्राचार्य को आमंत्रित कर उनका सम्मान करने के लिए कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि शाला के लिए एलईडी टीव्ही क्रय कर दो अक्टूबर को बच्चों को गांधी फिल्म दिखाई जाए। प्राचार्य ने बताया कि वे प्रोजेक्टर खरीदेंगे। शाला में आठ सीसीटीव्ही कैमरे भी स्थापित हैं। 75 मीटर बाउंड्री वाल के निर्माण की मांग पर इसे स्वीकृत करने के निर्देश दिए गए। संभागायुक्त ने बघराजी के उच्च्तर माध्यमिक बालक विद्यालय का निरीक्षण किया। ये दोनों शालाएं एक परिसर एक शाला के अंतर्गत कक्षा एक से कक्षा 12 वीं तक संचालित हैं। बालक विद्यालय में जाकर संभागायुक्त ने कक्षा दसवीं के छात्रों से बात की। कक्षा में रोशनी कम मिलने पर एक ट्यूबलाइट लगाकर रोशनी बढ़ाने के निर्देश दिए। बच्चों से गणित के प्रश्न किए और हल कराए।
संभागायुक्त ने शासकीय उच्च्तर माध्यमिक शाला पड़रिया का निरीक्षण किया। शाला में 900 बच्चे पढ़ रहे हैं। संभागायुक्त के पूंछने पर प्राचार्य ने बताया कि कक्षा 10 वीं का रिजल्ट 62 प्रतिशत था। संभागायुक्त ने 100 प्रतिशत रिजल्ट लाने की हिदायत दी। परिसर की साफ-सफाई पर ध्यान देने के निर्देश दिए। व्यवस्थित साइकिल स्टेंड बनाने, कचरे को खाद में बदलने, दो पिट बनाने तथा पेयजल की सुव्यवस्थित आपूर्ति के लिए जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए।
समन्वित कृषि प्रणाली
संभागायुक्त श्री बहुगुणा समन्वित कृषि प्रणाली को अपनाकर कृषि करने वाले कृषकों के खेत गए तथा उनके प्रयास को देखा और कृषक से बातचीत की।
संभागायुक्त ने ग्राम तिलसानी में कृषक राकेश सिंह भवेदी से उसके खेत में जाकर मुलाकात की और समन्वित कृषि प्रणाली के संबंध में चर्चा की। अधिकारियों को निर्देश दिए इन्हें हर संभव सहयोग दिया जाए। 35 वर्षीय कृषक राकेश सिंह ने उन्नत किस्म की दो गाय खरीदी हैं। उन्होंने साढ़े तीन एकड़ के अपने खेत में सब्जियां, टमाटर, भटा लगाया है। साथ ही फलदार वृक्षों के पौधे भी रोपे हैं। कृषक ने उड़द, मक्का, धान की फसल लगाई है। उनके पिता भी अपने चार एकड़ खेत में कृषि में एकीकृत कृषि प्रणाली अपनाकर खेती कर रहे हैं। इसी गांव की कृषक द्रोपदी बाई अपने पति भाग सिंह के साथ पांच एकड़ कृषि भूमि में समन्वित कृषि प्रणाली को अपनाते हुए खेती करने के लिए प्रेरित हुई हैं। उन्होंने दो देशी गाय खरीदी हैं। खेत में सब्जी लगाई है, धान और मक्का की फसल ले रही हैं। फलदार वृक्षों के पौधे रोपे हैं। संभागायुक्त ने ग्राम खम्हरिया के भूरेलाल गौड़ और एक अन्य किसान चरण सिंह से भी उनके द्वारा समन्वित कृषि प्रणाली से कृषि के संबंध में बात की। चरण सिंह ने बताया कि उनके पास तीन एकड़ भूमि है। दो देशी गाय हैं। वह नस्ल सुधार कराएगा। उसने आम, कटहल, अमरूद, नीबू लगाया है। उड़द, मक्का, धान की फसल ले रहा है।
तालाबों का निरीक्षण
संभागायुक्त श्री बहुगुणा ने ग्राम अमझर में जनपद पंचायत द्वारा बनाए जा रहे 9 लाख 72 हजार लागत के तालाब का निरीक्षण किया। उन्होंने तालाब में पानी भरने में नियम का पालन करते हुए तालाब के समीप रिक्त भूमि पर वृक्षारोपण करने के लिए कहा। ग्राम बीजापुरी में मनरेगा से निर्मित तालाब को देखा। बताया गया इसकी गहराई 7 फिट है। संभागायुक्त ने कहा तालाब को मछली पालन के लिए अनुसूचित जाति या जनजाति के व्यक्ति जो भी नियमानुसार पात्रता रखता हो को दिया जाए। बताया गया कि इस तालाब में जनवरी तक पानी रहता है। मछली पालन हो सकता है। ग्राम पंचायत के अन्य तालाबों को भी मछली पालन के लिए देने के निर्देश दिए गए।
मनरेगा से हुए विकास कार्यों का निरीक्षण
संभागायुक्त श्री बहुगुणा ने ग्राम पंचायत जुझारी में कृषक लाल सिंह के खेत में मनरेगा से बनाए गए कूप का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि खेत में समन्वित कृषि प्रणाली से खेती कराने किसान को प्रेरित करें। ग्राम टिकरिया में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनाए गए मार्ग, सड़क किनारे वृक्षारोपण आदि का निरीक्षण किया।
संभागायुक्त श्री बहुगुणा ने ग्राम टिकरिया के समीप सॉफ्टवेयर इंजीनियर अनुराग के निजी खेत को देखा। इंजीनियर से कृषक बने अनुराग ने अपने 9.5 एकड़ खेत का उपयोग समन्वित कृषि प्रणाली से कृषि करने के लिए किया जा रहा है।

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