मध्य प्रदेशराजनीति

बड़ी मुश्किल से कटेगी आज की रात…… क्या 82 विधायकों से सरकार की लगेगी नैया पार ?

मध्यप्रदेश की राजनीति में जो कुछ इस समय चल रहा है ,वह किसी से छुपा हुआ नहीं है ,वैसे तो ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ते ही कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल छा गए,जिसके चलते कमलनाथ सरकार को अब कल यानी 16 मार्च को फ्लोर टेस्ट रूपी अग्नि परीक्षा से गुजरना पड़ेगा,तो वहीँ रविवार की रात कितनी मुश्किल से कटेगी ये तो सरकार का दिल ही जानता है ,साथ ही ये सवाल हर आदमी के दिलोदिमाक में है क्या इन 82 विधायकों द्वारा कमलनाथ सरकार की नैया पार लग जाएगी या और कुछ होगा

जयपुर से आये विधायकों के कोरोना वायरस की होगी जांच

वहीं खबरों की मानें तो जनसम्पर्क मंत्री पीसी शर्मा ने कहा, ‘राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा की गई कि हमारे विधायक जो जयपुर से आए हैं, उनका चिकित्सकीय परीक्षण किया जाना चाहिए. साथ ही हरियाणा और बेंगलुरु में रहने वाले विधायकों का भी चिकित्सकीय परीक्षण किया जाना चाहिए.’ पीसी शर्मा ने कहा कि भोपाल लौटे सभी विधायकों का कोरोना वायरस का टेस्ट होगा.

दरअसल, मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को विधानसभा में बहुमत साबित करने के निर्देश दिए हैं. इसी के साथ राज्य में सियासी सरगर्मी एक बार फिर से बढ़ गई है. लगभग आधी रात को राजभवन से एक पत्र राज्य के मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ को भेजा गया.

बहुमत साबित करने के लिए कहा

राजभवन से सीएम को जारी किए गए पत्र के मुताबिक राज्यपाल ने सीएम को कहा कि मध्य प्रदेश की हाल की घटनाओं से उन्हें प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि उनकी सरकार ने सदन का विश्वास खो दिया है और ये सरकार अब अल्पमत में है. राज्यपाल ने कहा है कि ये स्थिति अत्यंत गंभीर है ,और सीएम कमलनाथ 16 मार्च को सदन में बहुमत साबित करें.

मध्य प्रदेश में ये राजनीतिक हालात ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद पैदा हुए हैं. होली के मौके पर सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद उनके समर्थक 22 विधायकों ने भी अपने इस्तीफे दे दिए हैं. सिंधिया बीजेपी में चले गए हैं, और विधायकों के इस्तीफे से कांग्रेस की कमलनाथ सरकार अल्पमत में नजर आ रही है.

हालांकि, विधायकों के इस्तीफों पर अब तक तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. इस बीच सोमवार (16 मार्च) से विधानसभा का सत्र शुरू होना है, जिसके मद्देनजर राज्यपाल ने भी कमलनाथ को पत्र लिखकर बहुमत साबित करने के लिए कह दिया है.

मुख्यमंत्री कमलनाथ ग्रह मंत्री को लिख चुके है पत्र

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने तो ग्रह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर ,भाजपा पर कांग्रेसी विधायको को खरीदने व उनको बंदी बनाने के आरोप लगाते हुए ,विधायको को रिहा करने की मांग की है ,अब ऐसे समय में जब एक तरफ भाजपा प्रतिनधिमण्डल राज्यपाल से मिलकर फ्लोर टेस्ट की मांग कर रहा है , साथ ही सीएम ने पत्र में यह भी लिखा की उन्होंने 3 मार्च से विधायको की ख़रीदपरोख्त सुरु कर दी और आज जब सिंधिया भाजपा के हो गए तो सरकार को अल्पमत बताते हुए फ्लोर टेस्ट की मांग की जा रही है ,अब ऐसे देखना होगा की फ्लोर टेस्ट की इस अग्नि परीक्षा में सरकार कितनी खरी उतरती है ,

बागी विधायकों ने की सुरक्षा की मांग

तो वहीं पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ ही कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले विधायकों ने मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन को पत्र भेजकर सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के ये कथित बागी विधायक बेंगलुरु में हैं और विधानसभा अध्यक्ष का नोटिस मिलने के बाद सुरक्षा कारणों से भोपाल लौटने में असमर्थ हैं। इसलिए इन्होंने राज्यपाल को पत्र भेजकर सुरक्षा की मांग की है।

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