अपराधबड़ी खबरमध्य प्रदेश

सिहोरा एसडीओपी के रीडर को रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त ने दबोचा

मैडम को भी देने पड़ते है पैसे ऐसे दबोचा गया भोली सूरत का रिश्वत खोर रीडर

जबलपुर :भृस्टाचार की चरम पर चल रहे सिहोरा एसडीओपी कार्यालय पर जब लोकायुक्त की कार्यवाही सुरु हुई तो एसडीओपी भावना मरावी का आरोपी रीडर मीडिया से बचकर अंदर घुस गया उसने और उसके बचाव में आये उसके भाई मीडिया से बचते नजर आए साथ ही आरोपी का भाई आरोपी की फोटो खिंचवाने के नाम पर उल्टे मीडिया वालों से ही उलझ गया मामला कुछ इस प्रकार है लोकायुक्त डी एस पी दिलीप झरवड़े ने बताया की पीड़ित प्रदीप पांडे निवासी खितौला ने शिकायत की थी की एसडीओपी सिहोरा भावना मरावी का रीडर अनुकूल मिश्रा पिता अरविंद मिश्रा जो की सिहोरा एसडीओपी कार्यालय में रीडर के पद पर पदस्थ है उसने घरेलू झगड़े के समझौते के लिए दस हजार की रकम मांगी थी जिसपर आज सोमवार को टीम के साथ पहुँचकर कार्यवाही की गई है साथ ही आरोपी अनूकूल मिश्रा के खिलाप भृस्टाचार अधिनियम की धारा 1988 के तहत 7 (1)डी के तहत मामला दर्ज करते हुए कार्यवाही की गई कार्यवाही करते समय लोकायुक्त डी एस पी दिलीप झरवड़े ,टी आई मंजू किरण तिर्की एस आई नरेश बहरा ,आरक्षक अतुल श्रीवास्तव ,जुवेद खान ,राकेश विश्वकर्मा ,अमित गावड़े शामिल रहे

मैडम को भी देने पड़ते है पैसे

वहीँ पीड़ित प्रदीप पांडे की मानें तो उनके घर पर छोटे भाई से घरेलू विवाद चल रहा था पीड़ित के पिता कही पर गिर गए थे इसपर इनके छोटे भाई ने खितौला थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी उसके बाद पीड़ित को एसडीओपी कार्यालय सिहोरा बुलाया गया जहां पर पीड़ित को आरोपी रीडर अनुकूल मिश्रा ने कहा की तुम बीस हजार दो तुम्हारे भाई के खिलाप उल्टा मामला दर्ज करवा देते है साथ ही जमीन के मामले में एक और मामला दर्ज कर देंगे इसपर पैसा खर्च करना होगा क्योंकि एसडीओपी मैडम को भी पैसे देने पड़ते है

पीड़ित बीमार बहन का इलाज करवाता की यहाँ घूस देता

वहीँ पीड़ित की मानें तो इस चलते घटना क्रम से पीड़ित इतना परेसान हो गया था की उसकी भूख प्यास खत्म हो गई थी एक तरफ बीमार बहन के इलाज की जिम्मेदारी दूसरी तरफ एसडीओपी के रीडर की घूस की मांग ऐसे में परेसान पीड़ित ने लोकायुक्त का सहारा लिया जिसपर आज सोमवार की दोपहर जबलपुर से सिहोरा पहुँची लोकायुक्त की टीम ने कार्यवाही की है

एसडीओपी बोलीं आ रहीं थी शिकायतें

वहीँ इस पूरे मामले में एसडीओपी भावना मरावी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा की कोई मेरे नाम से पैसे ले तो इसपर में क्या कर सकती हूँ साथ ही मेरे पास पूर्व में रीडर के खिलाप ऐसी शिकायतें आई थी हमने उसको ऐसा करने से रोकते हुए नोटिश भी दिया था

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