सिहोरा पुलिस का एक और नया कारनामा वकीलों ने खोली पोल

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जबलपुर : सिहोरा पुलिस की वर्दी में रिश्वत के लगे छीटे अभी साफ भी नहीं हुए थे की यहाँ की पुलिस के एक और कारनामें की वकीलों ने पोल खोल कर रख दी अधिवक्ताओं द्वारा बुधवार के दिन आज अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सिहोरा को एक ज्ञापन सोंपा गया जिसमें अधिकवक्ताओ ने सीधे सिहोरा अनुभाग की पुलिस पर आरोप लगायें है की तहसील सिहोरा के थानों के विवेचकों एवं अधिकारियों द्वारा पक्षकारों को डरा धमकाकर सुपुर्दनामा एवं जमानत जैसे दाण्डिक प्रकरणों में मनमाना पैसा लेकर कुछ पसन्द के सुनिश्चित अधिवक्ताओ के पास न्यायालयीन कार्यवाही कराने हेतु बाध्य किया जाता है जिससे अन्य अधिवक्तागण के विधि व्यवसाय पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है इस सम्बंध में आज सिहोरा तहसील अधिवक्ता संघ के अधिवक्ताओ द्वारा ज्ञापन सौपा गया अब ऐसे में सवाल उठता है की जन सेवा और देशभक्ति की बड़ी -बड़ी बातें करने वाली सिहोरा पुलिस का ऐसा चेहरा जिले में बैठे बड़े अधिकारियों को कब दिखाई देगा

जो करना हो कर लो हमारा कोई कुछ नहीँ कर सकता

वहीं ज्ञापन के माध्यम से अधिकवक्ताओ ने सिहोरा खितौला पुलिस पर आरोप लगायें है जब इस तरह की शिकायतें सबंधित थानों में की गई पुलिस का रवैया कुछ इस प्रकार रहा पुलिस ने सीधे कह दिया की जिसको जो करना है कर लो हमारा कोई कुछ भी नहीं कर सकता अब ऐसे में न्याय की उम्मीद लिए अधिवक्ताओं ने एसडीओपी सिहोरा को ज्ञापन सोंपकर मांग की है की जल्द से जल्द इस समस्या का निदान होना चाहिए वरना हम उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे ज्ञापन सौपते समय अधिवक्ताओं में राकेश मणी तिर्पाठी ,मनोज दुबे ,वीरेंद्र शुक्ला ,आलोक तिवारी ,सुनित विश्वकर्मा ,अभिजीत पाठक ,अभिषेख पाठक ,सेलेश पहारिया ,जितेंद्र पांडेय ,विमलेश जैन ,नईम खान ,आशीष व्योहार शामिल रहे