सीमाकंन में नजराना लेते लोकायुक्त के हत्थे चढ़े दो पटवारी

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जबलपुर ,मध्यप्रदेश की पनागर तहसील में सोमवार 1 अप्रेल को सीमांकन कराने के नाम पर दो अलग-अलग पटवारियों को लोकायुक्त की टीमों ने रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़ा. इस कार्रवाई से विभाग में हड़कम्प की स्थिति रही. पहले मामले में लोकायुक्त की टीम ने ग्राम कोटवार के माध्यम से रिश्वत लेते पटवारी को पकड़ा, जबकि दूसरे मामले में भी एक अन्य पटवारी को पकड़ा गया.पहले मामले के संबंध में लोकायुक्त पुलिस के डीएसपी जेपी वर्मा ने बताया कि विनोबा भावे वार्ड पनागर निवासी बेनी प्रसाद कुशवाहा ने शिकायत की थी कि पनागर जिला जबलपुर के हल्का नंबर 19 में पदस्थ पटवारी देवेंद्र खरे ने देवरी कला ग्राम के पूर्व कोटवार अशोक कुमार दहिया के माध्यम से सीमांकन कराने के लिए 5 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है.जिस पर आज सोमवार की सुबह बेनी प्रसाद कुशवाहा को रंगे नोट लेकर भेजा गया तो पूर्व कोटवार अशोक कुमार दहिया ने रिश्वत की राशि लेकर पटवारी देवेंद्र खरे को दी, जैसे ही देवेंद्र ने राशि जेब में रखी, वैसे ही लोकायुक्त टीम के डीएसपी जेपी वर्मा, निरीक्षक ऑसकर किंडो, आरक्षक शरद पांडे, अमित गावडे, राकेश विश्वकर्मा व सागर सोनकर ने दोनों को धरदबोचा. उनके घर व कार्यालय की तलाशी ली जाती रही.

टीसीएम ऑपरेटर-पटवारी सीमांकन के लिए ले रहा था रिश्वत, पकड़ाया

वहीं लोकायुक्त की एक टीम ने पनागर में ही एक अन्य पटवारी के खिलाफ कार्रवाई की, इस मामले में भी शिकायतकर्ता विनोबाभावे वार्ड पनागर निवासी बेनी प्रसाद कुशवाहा थे, जिन्होंने लोकायुक्त को शिकायत की थी कि टीसीएम ऑपरेटर पटवारी प्रमेन्द्र सिन्द्राम सीमांकन हेतु टीसीएम मशीन से जमीन की नपाई के एवज में 15 हजार रुपये की मांग की थी, जिसे रिश्वत की पहली किश्त 6 हजार रुपए लेकर भेजा गया, जैसे ही आरोपी पटवारी (टीएमसी आपरेटर) ने रिश्वत की पहली किश्त 6 हजार रुपए लिये, वैसे ही टीम ने रंगे हाथों पकड़ा. इसटीम में उप पुलिस अधीक्षक दिलीप झरबड़े, निरीक्षक कमल सिंह उईके, आरक्षक सोनू चौकसे, दिनेश दुबे, स्टेनो टीआर मुडिय़ा, चालक सुरेंद्र सिंह कार्यवाही में शामिल रहे.