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स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर जबलपुर कलेक्टर चिंतित उठाये ये कड़े कदम

बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं – भरत यादव

नियमों का पालन न करने वाले स्कूल बस संचालकों के विरूद्ध होगी कार्रवाई – एसपी

शैक्षणिक संस्थाओं एवं स्कूल बस संचालकों की बैठक में कलेक्टर, एसपी के निर्देश

जबलपुर : कलेक्टर श्री भरत यादव ने निजी शैक्षणिक संस्थाओं एवं स्कूल बस संचालकों से कहा है कि वे बच्चों की सुरक्षा के मामले में व्यावसायिक हितों और लाभ के नजरिए से ऊपर उठकर सकारात्मक सोच के साथ जरूरी सावधानियां बरतें। आज गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित स्कूल संचालकों एवं स्कूल बस आपरेटरों की बैठक को सम्बोधित करते हुए श्री यादव ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी हाल में किसी भी तरह का कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा लापरवाही सामने आने पर कठोर कार्यवाही की जाएगी । बैठक में पुलिस अधीक्षक अमित सिंह भी मौजूद थे ।बैठक में स्कूल संचालकों , स्कूल बस आपरेटर्स एवं ऑटो रिक्शा चालकों को सुरक्षा मापदण्डों की विस्तार से जानकारी दी गई । इस मौके पर कहा गया कि बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह स्कूलों की होगी । स्कूल संचालक इसकी अनदेखी नहीं कर सकते । स्कूल संचालकों से यह भी देखना होगा कि बच्चे जिस भी साधन से स्कूल आ रहे हैं उस बस , स्कूल वेन या ऑटो रिक्शा के पास प्रॉपर फिटनेस प्रमाणपत्र हो । बच्चों के साथ ड्राइवर और कंडक्टर के व्यवहार पर भी उन्हें नजर रखनी होगा कलेक्टर श्री यादव ने स्कूल संचालकों को बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर शैक्षणिक संस्थानों में जगह-जगह सीसीटीव्ही कैमरे लगाने , प्रत्येक क्लास रूम में प्रवेश और निर्गम की पृथक- पृथक व्यवस्था करने की हिदायत दी । उन्होंने निजी शैक्षणिक संस्थाओं में पर्याप्त संख्या में अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा समूचे स्टॉफ को इनके संचालन के लिए ट्रेंड करने की आवश्यकता पर बल दिया ।
श्री यादव ने स्कूल संचालकों को संस्थान परिसर में ही स्कूल बसों एवं वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था करने की हिदायत भी दी । उन्होंने कहा कि इस बारे में स्कूल संचालकों का असहयोगात्मक रवैय्या बर्दाश्त नही किया जाएगा । उन्होंने कहा कि स्कूलों के लगने और छूटने के समय मार्ग अवरुद्ध न हो और आम नागरिकों को किसी तरह की परेशानी न उठानी पडे इसके लिए स्कूल संचालकों को अपने वालेंटियर्स या कर्मचारी तैनात करने चाहिए । इसके बाबजूद यदि आवागमन को सुगम बनाने में कठिनाई आती है तो वे ट्रैफिक पुलिस की सहायता ले सकते हैं । कलेक्टर ने ऐसे सभी स्कूल संचालकों के विरुद्ध पब्लिक न्यूसेंस पैदा करने के प्रकरण दर्ज करने के निर्देश बैठक में दिए जिनकी वजह से यातायात अवरुद्ध हो रहा है। उन्होंने इस मामले में ट्रैफिक पुलिस द्वारा 133 के तहत दर्ज कराए गए प्रकरणों के आधार पर स्कूलों की मान्यता निरस्त करने की कार्यवाही प्रारम्भ करने निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिये । श्री यादव ने बैठक में निजी स्कूल संचालकों को शिक्षा के अधिकार अधिनियम का पालन करने की हिदायत भी दी । उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों को संस्थान में प्रवेश देना उनका सामाजिक दायित्व भी है जिसका उन्हें आगे बढ़कर निर्वाह करना चाहिए । पुलिस अधीक्षक अमित सिंह ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्कूल संचालकों को अपने परिसर के भीतर ही स्कूल बसों एवं वाहनों की पार्किंग के लिए स्थान उपलब्ध कराना होगा अन्यथा उनके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी । उन्होंने स्कूल बस आपरेटर्स को ड्राइवर और कंडक्टर का अनिवार्यतः पुलिस व्हेरीफिकेशन कराने के निर्देश दिए । उन्होंने ड्राइवर – कंडक्टर के व्यवहार के बारे में बच्चों से मिली प्रत्येक शिकायत को गम्भीरता से लेने के निर्देश बस आपरेटर्स और स्कूल संचालकों को दिए । श्री सिंह ने कहा कि बच्चों से मिली शिकायतों पर बस आपरेटर्स एवं स्कूल संचालकों को ड्राइवर और कंडक्टर के विरुद्ध तत्काल कार्यवाही भी करनी होगी । ऐसा नहीं किया गया और मामला पुलिस तक पहुंचा तो बस आपरेटर तथा स्कूल संचालक को बख्शा नहीं जाएगा ।
पुलिस अधीक्षक ने स्कूल संचालकों को अपने संस्थानों में सभी सेफ्टी मेजर अपनाने के निर्देश देते हुए कहा कि उन्हें यह भी देखना होगा कि खुद के वाहनों से स्कूल आने वाले बच्चे यातायात के नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें । श्री सिंह ने कहा कि वाहन से आने वाले बच्चों को हेलमेट लगाकर ही आने की समझाइश देने की आवश्यकता पर जोर दिया । उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों की जानकारी भी स्कूलों में दी जानी चाहिए ।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि स्कूल संचालकों को इस पर भी ध्यान देना होगा कि उनके यहां लगी स्कूल बसें फिट हो, सभी सेफ्टी नार्म्स का पालन किया जा रहा है और उनकी फिटनेस एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का प्रमाण पत्र भी हो । उन्होंने बस आपरेटर्स से भी कहा कि वे अनुपयोगी और कंडम हो चुकी बसों का स्कूल बस के तौर पर इस्तेमाल कर बच्चों की सुरक्षा को दांव पर न लगा आये । अन्यथा उन्हें इसके बुरे परिणाम भुगतने होंगें । श्री सिंह ने कहा कि बच्चों को स्कूल तक लाने – ले जाने में इस्तेमाल की जा रही बसों की मेकेनिकल जांच का अभियान भी जल्द ही चलाया जाएगा । उन्होंने ओव्हर लोडिंग के खिलाफ भी कड़ी कार्यवाही की चेतावनी स्कूल वेन एवं ऑटो रिक्शा चालकों को दी । पुलिस अधीक्षक ने बच्चों के अभिभावकों से भी अनफिट और कंडम हो चुकी बसों से अपने बच्चों को स्कूल न भेजने का आग्रह बैठक के माध्यम से किया ।
बैठक के प्रारम्भ में स्कूल संचालकों , स्कूल बस आपरेटर्स तथा वेन एवं ऑटो रिक्शा चालकों को स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर राज्य शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों से अवगत कराया गया तथा उन्हें तमाम सुरक्षा मापदण्डों की जानकारी दी गई । स्कूली बच्चों के बस्तों के बोझ को कम करने के बारे में शासन द्वारा हक ही में जारी किए गए निर्देश की जानकारी भी बैठक में दी गई । बच्चों की सुरक्षा को लेकर शासन द्वारा जारी दिशा – निर्देशों एवं तय किये गए मापदण्डों का पालन करने तथा इस दिशा में प्रशासन को सहयोग करने की अपेक्षा भी बैठक में स्कूल संचालकों से की गई ।स्कूली बच्चों के बस्तों के बोझ को कम करने के बारे में शासन द्वारा हाल ही में जारी किए गए निर्देश की जानकारी भी बैठक में दी गई । बच्चों की सुरक्षा को लेकर शासन द्वारा जारी दिशा – निर्देशों एवं तय किये गए मापदण्डों का पालन करने तथा इस दिशा में प्रशासन को सहयोग करने की अपेक्षा भी बैठक में स्कूल संचालकों से की गई । बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात अमृत मीणा एवं जिला शिक्षा अधिकारी सुनील नेमा भी मौजूद थे।

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