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स्वसहायता समूहों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाएं – संभागायुक्त श्री बहुगुणा

जबलपुर : बड़े किसानों को कृषि के साथ खाद्य प्रसंस्करण यूनिट, लघु उद्योगों की स्थापना के लिए प्रेरित कर जरूरी सहयोग दिया जाएगा। इसी तरह स्वसहायता समूहों को भी खाद्य प्रसंस्करण यूनिट स्थापित कर कार्य करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और सहयोग प्रदान किया जाएगा।
इस आशय के निर्देश संभागायुक्त राजेश बहुगुणा ने संभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में दिए हैं। संभागायुक्त ने कहा कि स्वसहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आजीविका मिशन से सहयोग लेकर सिलाई आदि विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षित कर उन्हें कार्य करने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। आने वाले दिनों में महिला एवं बाल विकास विभाग की बैठकों में संबंधित स्वसहायता समूह से एक या दो सदस्यों को बुलाकर जरूरी जानकारी दी जाए।
ज्ञातव्य है कि संभागायुक्त के निर्देशानुसार 22 अगस्त की प्रात: 11 बजे उद्योग विभाग द्वारा बड़े किसानों को खाद्य प्रसंस्करण सहित अन्य लघु उद्योगों की स्थापना के लिए जरूरी जानकारियां देकर प्रेरित करने हेतु कार्यशाला आयोजित की जा रही है।
संभागायुक्त श्री बहुगुणा ने अधीक्षक यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी से हैण्डपम्पों और नल जल योजनाओं से पेयजल की उपलब्धता तथा पेयजल को क्लोरीन आदि से शुद्ध करने की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों डिंडोरी और मण्डला के लिए प्रस्तावित नल जल योजनाओं को, जो शासन के समक्ष स्वीकृति के लिए भेजी गई है, शीघ्र स्वीकृत करा कर कार्य शुरू कराएं।
संभागायुक्त ने पीआईयू के अधिकारियों को नेताजी सुभाषचन्द्र बोस चिकित्सा महाविद्यालय के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों का निर्माण प्रारंभ करने टेण्डर आदि की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता से कहा कि जो कार्य 80 प्रतिशत तक पूर्ण हो गए हैं उन्हें शतप्रतिशत पूर्णता में लाने को प्राथमिकता दी जाए। खराब हो रही सड़कों की मरम्मत कराई जाए। शासन से सड़क मरम्मत के लिए स्वीकृति और आवंटन प्राप्त कर लिया जाए। संभागायुक्त ने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा बनाए गए जलाशयों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि वन क्षेत्रों में जलाशय निर्माण के लिए वन विभाग ने सहमति जताई है। संभागायुक्त ने जलाशय निर्माण को आवश्यक और उपयोगी बताया। उन्होंने ग्राम पंचायतों में लम्बित पुराने कार्यों, पंच-परमेश्वर योजना के कार्यों को पूर्ण कराने के निर्देश दिए। निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया।

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